अमेरिका के इशारे पर खेल..! पाकिस्तान के साथ बढ़ रहीं दक्षिण कोरिया की पींगें
पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया ने रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए एमओयू पर साइन किया है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच इस समझौते के पीछे अमेरिका का हाथ है। पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए चंद दिनों पहले ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। दरअसल, पाकिस्तान के वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान ने ही दक्षिण कोरिया के पुराने दुश्मन उत्तर कोरिया को परमाणु बम की तकनीक बेची थी। अब उसी परमाणु बम के चलते अमेरिका भी उत्तर कोरिया के सामने घुटने टेक चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरिया और पाकिस्तान के बीच दोस्ती के पीछे अमेरिका का हाथ है। अमेरिका के ही इशारे पर दक्षिण कोरिया ने अपने दुश्मन देश के मददगार से मजबूरी में हाथ मिलाया है। हाल का रक्षा समझौता पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया के बीच सिर्फ कागजों में है। यह वास्तविक रूप से पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बताया जा रहा है।
दक्षिण कोरिया में तैनात हैं 29 हजार अमेरिकी सैनिक
अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में 29 हजार सैनिकों को तैनात कर रखा है। यही अमेरिकी सैनिक दक्षिण कोरियाई सेना को पूरी तरह से नियंत्रित करते हैं। ये सैनिक उत्तर कोरिया की सीमा से सटे इलाके में ड्यूटी करते हैं। इतना ही नहीं, दक्षिण कोरिया का सैन्य प्रमुख भी एक अमेरिकी जनरल होता है। दक्षिण कोरियाई आर्मी चीफ सिर्फ रबर स्टैंप की तरह आदेशों का पालन करते हैं।
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