ठग आईफोन निकालते रहे जीपीएस का अलार्म बजता रहा: जानबूझकर गलत रूट पर ले गए थे कंटेनर, ढाबा संचालक की ईमेल आईडी ने दिया सुराग
<p><em><strong>पुलिस ने पूछताछ में ब्यावर हाईवे पर कंटेनर से करोड़ों के आईफोन चुराने वाली गैंग से जानकारी जुटाई है। इनके तार विदेशों में भी जुड़े थे। </strong></em></p>
हाईटेक कंटेनर का डिजिटल लॉक हैक कर करोड़ों रुपए के आईफोन चुराने वाली गैंग ने पुलिस से पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। गैंग में एक नहीं बल्कि तीन मास्टरमाइंड हैं, आनंद का काम गैंग के सदस्यों को ट्रांसपोर्ट कंपनियों में नौकरी दिलवाना था। तो, आईटी एक्सपर्ट नितिन और अभिषेक चोरी की वारदात में हाईटेक लॉक खोलने और पुलिस से बचने के हथकंडे गैंग को बताते थे। तीनों ही दिल्ली में एकसाथ पढ़े हैं और नितिन पर पहले से 13 मुकदमे दर्ज हैं।
ब्यावर सिटी डीएसपी ने बताया कि चेन्नई से 22 अगस्त को ड्राइवर दीपक और यशवंत रवाना हुए जैसे ही कंटेनर को मुख्य हाईवे से हटकर ब्यावर हाईवे पर लेकर गए। तब तुरंत कंपनी से उनके नंबरों पर फोन आया था। उन्होंने उस कॉल के जवाब में कहा- हम रास्ता भटक गए हैं, जल्दी ही रूट पर फिर से पहुंच जाएंगे।
चेन्नई से दिल्ली के लिए निकले इस कंटेनर के ड्राइवर दीपक और यशवंत हाईवे पर किसी सुनसान जगह की तलाश में थे, जहां इस वारदात को गैंग के सरगना आनंद, आईटी एक्सपर्ट अभिषेक और नितिन और अन्य आरोपी पुष्पेंद्र के साथ मिलकर अंजाम दिया जा सके। वो किसी ऐसी जगह की तलाश में थे जो दिल्ली से पास भी हो ताकि वे तुरंत लूट को अंजाम देकर अलग-अलग इलाकों में भाग सकें।
मिनटों में उड़ाए 580 आईफोन
पुलिस ने बताया कि आनंद, अभिषेक और नितिन लगातार इनके संपर्क में थे। ये अन्य साथियों के साथ होंडा सिटी कार में सवार थे, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। इनको उदयपुर से किशनगढ़ हाईवे की तरफ जाना था। जैसे ही इन्होंने उदयपुर से ब्यावर का रूट पकड़ा और ब्यावर की ओर मुड़े तो 5 मिनट में कंपनी से फोन आ गया। कंटेनर में लगे कंपनी के जीपीएस का अलार्म बजने लगा था। वहां से इन्हें रूट बदलने का कारण पूछा गया तो इन्होंने कहा कि हम रास्ता भटक गए हैं, जल्द ही किशनगढ़ रूट पर आ जाएंगे।
3 करोड़ 78 लाख रुपए के 580 आईफोन निकाले
पुलिस ने बताया कि अब जब इन लोगों के पास कंपनी से कॉल गई थी तो उन्होंने तुरंत ट्रक रोक लिया। साथ आ रही होंडा सिटी कार में मास्टरमाइंड आनंद और आईटी एक्सपर्ट अभिषेक और नितिन और पुष्पेंद्र सवार थे। अभिषेक और नितिन ने जल्दी ही हाईटेक कंटेनर का डिजिटल लॉक हैक कर लिया। मिनटों में इन आरोपियों ने 3 करोड़ 78 लाख रुपए के 580 आईफोन निकाल लिए। सभी आईफोन की कीमत 78 हजार से लेकर 1 लाख 28 हजार थी। इधर, लगातार ट्रक गलत रुट पर रुकने और एक जगह खड़े होने से कंपनी का फोन आ रहा था। ऐसे में इनके पास ज्यादा समय नहीं था।
लूट के माल के लिए आगरा में पिकअप हायर की
डीएसपी भूराराम खिलेरी के अनुसार, कंटेनर में करोड़ों की रुपए की एक्सेसरीज भी थी। लेकिन, आरोपियों के पास समय कम था और होंडा सिटी कार में जगह भी नहीं थी। ऐसे में इन्होंने सारे आईफोन निकाल लिए और एक्सेसरीज को वहीं ट्रक में छोड़ दिया।
कासगंज में रुके और खाना खाया
आरोपी आनंद, नितिन, अभिषेक और पुष्पेंद्र होंडा सिटी के जरिए यूपी की तरफ रवाना हुए। जबकि ड्राइवर दीपक और यशवंत बस के जरिए आगरा पहुंचे। जहां इन सभी को मिलना था। इसके बाद ये यूपी के कासगंज में पहुंचे। जहां ये होटल में खाना खाने रुके थे। आरोपियों ने आगरा में एक पिकअप भी हायर की थी ताकि लूट के सामान को उसमें भरकर ले जाया जा सके।
ढाबा संचालक को पहले से जानते थे आरोपी
ये लोग पहले आगरा पहुंचे जहां आनंद, नितिन, पुष्पेंद्र, अभिषेक, दीपक और यशवंत साथ हो लिए। इसके बाद कासगंज स्थित ढाबे पर ये लोग कई बार पहले भी खाना खा चुके थे। ऐसे में ढाबा संचालक सुनील को ये लोग पहले से जानते थे। आरोपियों ने यहां पहले तो जमकर दावत उड़ाई। इसके बाद संचालक सुनील को आईफोन गिफ्ट में दे दिया। आरोपियों ने सुनील को हिदायत भी दी कि इसे ऑन मत करना। लेकिन, इतना महंगा फोन देख सुनील ने जल्दबाजी में इसमें सिम डाल ली। सिम डालने के बाद जब उसे अंदेशा हुआ कि कुछ दिक्कत हो सकती है, तब उसने तुरंत सिम निकाल ली।
ईमेल से पकड़ में आया संचालक
पुलिस के अनुसार, आईफोन या किसी में एंड्रॉइड फोन को चलाने के लिए ईमेल डालना जरूरी होता है। ढाबा संचालक ने सिम तो निकाल दी लेकिन, आईएमईआई नंबर से उसका ईमेल शो होने लगा। गुरुग्राम स्थित ट्रांसपोर्ट कंपनी जस्ट लॉजिस्टिक प्रा. लि. के मैनेजर अवनीश शर्मा ने पहले ही सारे आईफोन कंपनी से ट्रेस पर डाल रखे थे। ईमेल की जांच की तो कासगंज का एड्रेस आया। 29 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि यूपी के कासगंज में चोरी हुआ एक आईफोन एक्टिव हुआ है।
1 सितंबर को पकड़ा गया पहला आरोपी
इसके बाद पुलिस की टीम ने 1 सितंबर को यूपी से ढाबा मालिक सुनील कुमार (27) को पकड़ा। इससे पूछताछ में सभी आरोपियों के नामों और घर के पते का खुलासा हुआ तो पुलिस ने 3 सितंबर को पुष्पेंद्र (25) और 1 अक्टूबर को दूसरे आरोपी दीपक (24) को पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल इस गैंग में 10 से ज्यादा सदस्य हैं, उन तक पहुंचना अभी बाकी है। इसके लिए यूपी के एटा और दिल्ली में पुलिस की टीमें इनके ठिकानों को तलाश रही हैं।
शौक पूरा करने के लिए बना ली गैंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी आरोपी लग्जरी लाइफ जीने के शौकीन हैं और कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने बताया कि आनंद, अभिषेक और नितिन पढ़ाई के लिए दिल्ली में रह हैं, लेकिन महंगे शौक पूरे करने के लिए अपराध के दलदल में फंस गए। तीनों के आपराधिक रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा नितिन पर मामले हैं। नितिन पुत्र धीरेन्द्र सिंह, दिल्ली बलजीत नगर में रहता है। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की है, जिसमें सामने आया है कि कॉलेज की पढ़ाई छोड़ कर नितिन आपराधिक गैंग के संपर्क में आ गया था।
नितिन पर 13 मुकदमें दर्ज हैं
2014 से लेकर 2017 तक नितिन के खिलाफ दिल्ली के आनंद परवत, पटेल नगर, पंजाबी बाग, बेगमपुर थानों में चोरी, लूट, सरकारी संपत्ति चोरी और तोड़फोड़ के 13 मुकदमे दर्ज हैं। कई बार गिरफ्तार भी हुआ, जमानत पर रिहा होने के बाद वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो जाता था। नितिन ने अपने अपराधों में आनंद और अभिषेक को भी शामिल कर लिया था। तीनों मिलकर ब्रांडेड कंपनियों के मोबाइल फोन, लैपटाॅप और महंगी एसेसरीज की चोरी करते थे।
ये था चोरी का तरीका
पुलिस ने बताया कि तरीका यह था कि कंपनियों का माल ट्रासंपोर्ट करने वाले ट्रांसपोर्टरों के यहां ड्राइवर की नौकरी पर अपने गैंग के लोगों को लगवा देते। फिर साजिश के तहत कंपनियों का माल गायब कर दिया जाता था। ब्यावर की वारदात में नितिन, आनंद और अभिषेक ने 28 करोड़ के आईफोन और एक्सेसरीज से भरे कंटेनर के ड्राइवर और खलासी को साजिश में शामिल कर लिया था। गैंग के संपर्क कोलकाता, बांग्लादेश और नेपाल में आपराधिक गैंग से थे। चोरी किए गए लैपटाॅप, मोबाइल फोन और अन्य एक्सेसरीज इन्ही गैंग को सप्लाई किए जाते थे।
लग्जरी कारों में करते थे सवारी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आनंद उर्फ गंगाधर, नितिन और अभिषेक स्टूडेंट के हुलिए में रहते थे, होंडा सिटी और अन्य महंगी कारों में सफर करते थे, इससे आसानी से शक के दायरे में नहीं आते थे। ब्यावर हाईवे की वारदात में आरोपियों ने जिस लग्जरी कार का इस्तेमाल किया था, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार आनंद, नितिन और अभिषेक के दिल्ली, हरियाणा के वल्लभ नगर, एटा और यूपी के कई शहरों में आलीशान मकान हैं। पुलिस टीमें इनके ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
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