ज्ञानवापी शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग पर बंटा हिंदू पक्ष
वाराणसी की अदालत में आज ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी मामले की सुनवाई होने जा रही है। लेकिन, इससे पहने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग को लेकर हिंदू पक्ष बंटा हुआ दिख रहा है।
उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के बाद महिलाओं के वकील विष्णुशंकर जैन और सुभाषनंदन चतुर्वेदी ने बताया था कि उन्होंने सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग के कार्बन डेटिंग की मांग की है। अब इस मांग लेकर मस्जिद पक्ष यानी इंतजामिया कमेटी को अपना जवाब दाखिल करना देना है।
मामले की सुनवाई के पहले कार्बन डेटिंग को लेकर मंदिर पक्ष में विभाजन होता लग रहा है। इस मामले का विरोध इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कार्बन डेटिंग या किसी दूसरे अन्य तरीके में जिसके लिए नमूना उठाना होगा और ऐसे में शिवलिंग भंग जरूर होगा। इससे सनातन धर्मावलंबियों की आस्था को धक्का लगेगा।
अधिवक्ता अनुपम दिवेदी का कहना है कि इनआर्गेनिक सामग्री के परीक्षण के लिए नमूना लेना जरूरी है। एक वादी राखी सिंह के विरोध के बाद अब बाकी अन्य चार वादी महिलाओं के वकीलों ने भी अपने तर्कों में बदलाव किया है। एक वकील सुभाषनंदन चतुर्वेदी का कहना है कि हमारा जोर कार्बन डेटिंग पर नहीं है। शिवलिंग को भंग किए बिना यदि कोई अन्य वैज्ञानिक जांच हो सकती है तो उसको किया जाए। इसके लिए पुरातत्वविद की टीम बुलाकर उनकी राय ली जानी चाहिए।
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