रीसाइक्लिंग की चैंपियन थी हीराबा..... माँ की यादें प्रधानमंत्री के ब्लॉग से
<p>अपनी मां को उनके 'शानदार' जीवन जी कर शतकवीर मान हीराबेन को पीएम मोदी ने ट्विटर पर भावभीनी श्रद्धांजलि पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा कि उनके 100वें जन्मदिन पर जब वह उनसे मिले, तो मां ने उनसे कहा कि 'बुद्धि के साथ काम करें और पवित्रता के साथ जीवन जिएं' इसे वह कभी नहीं भूल पाएंगे।<br /> <img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1672406441whatsapp_image_2022-12-30_at_18_42_38_(1).jpeg" style="height:1094px; width:699px" /></p>
माँ की लम्बी उम्र का राज़
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया था इतनी उम्र के बावजूद मां हीराबेन को किसी तरह कोई बीमारी नहीं थी। वह अपने सारे काम खुद ही किया करती थीं। उनके स्वस्थ और लंबे जीवन का राज पीएम मोदी के ब्लॉग से जाना जा सकता है। जिसे उन्होंने अपनी मान के १०० वर्ष पूरे होने पर लिखा था।
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रीसाइक्लिंग की चैंपियन मां
बारिश में उनके घर में जगह जगह से पानी टपकता था,पूरे घर में पानी ना भर जाए और घर की दीवारों को नुकसान ना पहुंचे इसलिए मां जमीन पर बर्तन रख दिया करती थीं। छत से टपकता हुआ पानी उसमें इकट्ठा होता रहता था। बाद में उसी पानी को मां घर के काम के लिए अगले 2-3 दिन तक इस्तेमाल करती थीं। जल संरक्षण का इससे अच्छा उदाहरण क्या हो सकता है।
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पीएम ने अपने ब्लॉग में लिखा था कि घर सजाने का,घर को सुंदर बनाने का भी बहुत शौक था। घर सुंदर दिखे, साफ दिखे, इसके लिए वो दिन भर लगी रहती थीं। वो घर के भीतर की जमीन को गोबर से लीपती थीं। उपलों पर खाना बनाने के कारण निकलते धुंए कि वजह से घर कि दीवारें काली हो जाती थीं तो हर छह हफ्तों में मां उन दीवारों की भी पुताई कर दिया करती थीं। इससे घर में एक नयापन सा आ जाता था। मां मिट्टी की बहुत सुंदर कटोरियां बनाकर भी उन्हें सजाया करती थीं।मां अक्सर पुराने कागजों को भिगोकर, उसके साथ इमली के बीज पीसकर एक पेस्ट जैसा बना लेती थीं, बिल्कुल गोंद की तरह। फिर इस पेस्ट से वो दीवारों पर शीशे के टुकड़े चिपकाकर बहुत सुंदर चित्र बनाया करती थीं। पुरानी चीजों को रीसायकिल करने की हम भारतीयों में जो आदत है, मां उसकी भी चैंपियन रही हैं।
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