70 से अधिक पत्रकारों की हत्या से जुड़े सुरक्षा मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता और कहा, स्वतंत्र प्रेस लोकतंत्र के लिए जरूरी
<p><em><strong>पत्रकारों को जेल में डालने और जाने से मारने की धमकी जैसी घटनाओं में वृद्धि हो रही है। ‘स्वतंत्र प्रेस’ लोकतंत्र के लिए काम करने वाले, गलत कामों को उजागर करने वाले और सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं.</strong></em></p>
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने पत्रकारों पर बढ़ते हमले पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने इस दौरान कहा कि दुनियाभर में 70 से अधिक पत्रकारों की हत्या कर दी गई है। रिकॉर्ड संख्या में मीडियाकर्मी वर्तमान में जेलों में बंद हैं। उन्हे जेल में डालने और जाने से मारने की धमकी जैसी घटनाओं में वृद्धि हो रही है। ऐसे में मीडियाकर्मियों की सुरक्षा पर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है। इन हालात में संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मीडियाकर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
गुटेरेस ने कहा, ‘कानूनी, वित्तीय और अन्य साधनों के दुरुपयोग के माध्यम से डराने-धमकाने की घटनाएं शक्तिशाली लोगों को जवाबदेह ठहराने के प्रयासों को कमजोर कर रही हैं। इससे न केवल पत्रकारों बल्कि पूरे समाज को खतरा है।’ पत्रकारों की सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र की कार्य योजना का उद्देश्य सभी मीडियाकर्मियों के लिए एक सुरक्षित और मुक्त वातावरण बनाना है। गुटेरेस ने कहा कि सरकारों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मीडियाकर्मियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए. बता दें कि 2 नवंबर को ‘इंटरनेशनल डे टू एंड इम्प्युनिटी फॉर क्राइम्स अगेंस्ट जर्नलिस्ट्स’ आयोजित किया जा रहा है।
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