भारत-श्रीलंका के बीच शुरू हुई फेरी सेवा, कितना है किराया और किसे होगा फायदा
<p><em><strong>भारत और श्रीलंका के बीच शनिवार से तमिलनाडु के नागपट्टिनम से फेरी सर्विस की शुरुआत की गई है। यह नागपट्टिनम से श्रीलंका के कांकेसंथुराई के बीच चलेगी। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली रूप से जुड़े थे।</strong></em></p>
भारत और श्रीलंका के बीच शनिवार से फेरी सेवा की शुरआत हो गई। यह सेवा नागपट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंथुराई के बीच शुरू की गई है। इस खास मौके पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने हरी झंडी दिखाकर इस सेवा की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए।
पीएम मोदी ने इसे दोनों देशों के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। पीएम ने कहा कि यह फेरी सेवा एक मील का पत्थर साबित होगी। आइए जानते हैं कि इस फेरी सेवा का किराया कितना होगा, क्या खासियत और किसे फायदा होगा।
फेरी सेवा का किराया कितना होगा?
जानकारी के मुताबिक, अगर किसी भारतीय को यहां से श्रीलंका जाना है तो उसे 7670 रुपये चुकाने होंगे। जिसमें 6500 किराया और 18 फीसदी जीएसटी शामिल है। हालांकि आज इसका टिकट 2800 रुपये तय किया गया है। मतलब तय टिकट में 75 फीसदी की कटौती की गई है। अब इसमें समय कितना लगेगा वह भी जान लीजिए। आप इस फेरी सर्विस की मदद से तमिलनाडु से श्रीलंका मात्र 3 घंटे में पहुंच जाएंगे।
फेरी सर्विस से किसे होगा फायदा?
दोनों देशों के बीच इस फेरी सर्विस से होने वाले फायदे पर पीएम मोदी ने बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस नौका सेवा के शुरू होने से दोनों देशों के युवाओं के लिए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और लोगों से संबंधों को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पट्टिनाप्पलाई और मणिमेकलाई जैसे संगम युग का साहित्य भारत और श्रीलंका के बीच चलने वाले नावों और जहाजों के बारे में भी बताता है।
भारत-श्रीलंका के संबंधों पर क्या बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और श्रीलंका संस्कृति, वाणिज्य और सभ्यता का गहरा इतिहास साझा करते हैं। अब इस सेवा के शुरू होने से दोनों देशों में आर्थिक साझेदारी भी बढ़ेगी। दोनों के संबंधों को मजबूत करने में यह फेरी सेवा मील का पत्थर साबित होगी।
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