जयपुर मेट्रो का दायरा बढ़ाने की तैयारी हो गई शुरू, यहां बिछेंगी लाइनें

<p>बीते आठ वर्ष से जयपुर में महज 12.94 किमी के रूट पर ही मेट्रो दौड़ रही है। अब पहले फेज का विस्तार और दूसरे फेज के जमीन पर आने से सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ने की उम्मीद जगी है क्योंकि, टोंक रोड पर यात्रियों का भारी दबाव रहता है।</p>

जयपुर मेट्रो का दायरा बढ़ाने की तैयारी हो गई शुरू, यहां बिछेंगी लाइनें
17-02-2024 - 10:04 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

राजधानी जयपुर में मेट्रो की धीमी चाल परेशानी का सबब बन गई है। यदि मेट्रो का विस्तार समय से होता तो निजी वाहन सड़कों पर कम उतरते और यात्री ई-रिक्शा और बसों की बजाय मेट्रो से सफर करते।
जिस रूट पर मेट्रो का संचालन हो रहा है, वहां फीडर सेवा और सिटी बसों को भी व्यवस्थित करने की जरूरत है क्योंकि जब स्टेशन से यात्री नीचे आते हैं तो उन्हें बस और फीडर में से कुछ भी नहीं मिलता। ऐसे में यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है।
मौजूदा समय की बात करें तो पीक ऑवर्स में भी मेट्रो ट्रेन में यात्री भार कम ही नजर आता है। यदि जेसीटीएसएल से तुलना करें तो जर्जर और खटारा बसों में प्रतिदिन डेढ़ लाख यात्री सफर करते हैं और लग्जरी मेट्रो में यात्री भार महज 50 हजार है।
जयपुर मेट्रो की कछुआ चाल
 - 03 जून, 2015 में मानसरोवर से चांदपोल (9.63 किमी) तक मेट्रो का संचालन शुरू हुआ।
- 23 सितम्बर, 2020 में परकोटे में मेट्रो का संचालन शुरू हुआ। रूट महज 2।4 किमी का है। चांदपोल से दायरा बढकर छोटी चैपड़ होते हुए बड़ी चैपड़ तक पहुंच गया।
- 21 सितम्बर, 2023 को बड़ी चैपड़ से रामगंज चैपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक का शिलान्यास हुआ। अप्रेल, 2027 तक काम पूरा होगा।
(मानसरोवर से 200 फीट बाइपास तक के रूट का अब तक शिलान्यास नहीं हुआ है।)
मेगा हाईवे जुड़ने से लाखों लोगों का फायदा
- मेट्रो फेज 1सी (बड़ी चैपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर) का काम शुरू हो गया है। जल्द ही फेज 1डी (बड़ी चैपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर) का काम शुरू होगा। दोनों चरणों का काम पूरा होने के बाद दिल्ली-आगरा से अजमेर हाईवे का जुड़ाव मेट्रो से हो जाएगा।
- मेट्रो अधिकारियों की मानें इन दोनों फेज का काम पूरा होने के बाद यात्री भार एक लाख के पार हो जाएगा।
इनको होगा फायदा
- अजमेर रोड: पृथ्वीराज नगर उत्तर में पांच लाख से अधिक की आबादी है। पास में वैशाली नगर, विद्युत नगर डीसीएम जैसे घनी आबादी वाले इलाके हैं।
- आगरा-दिल्ली रोड: सबसे ज्यादा ट्रैफिक अभी इन हाईवे पर रहता है। रामगंज चैपड़ पर भी भूमिगत स्टेशन बनेगा।
अब सीतापुरा से विद्याधर नगर तक
- फेज-2 में मेट्रो को अम्बाबाड़ी की बजाय विद्याधर नगर तक ले जाया जाएगा। इसकी डीपीआर बनेगी। खास बात यह है कि पूरा रूट एलिवेटेड होगा। लाइट मेट्रो कॉन्सेप्ट पर इसका निर्माण होगा। ऐसी स्थिति में 5800 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान है। रूट की लम्बाई 30 किमी होने का अनुमान है।
- पिछली डीपीआर पर गौर करें तो सीतापुरा से कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट, बी-टू बाइपास चैराहा, टोंक रोड पर दुर्गापुरा, महावीर नगर, देव नगर, गांधी नगर रेलवे स्टेशन, टोंक फाटक पुलिया, रामबाग सर्कल, नारायण सिंह सर्कल, सवाई मानसिंह अस्पताल से अशोक मार्ग होते हुए गवर्नमेंट हॉस्टल, चांदपोल, कलेक्ट्रेट सर्किल, पानीपेच होते हुए अंबाबाड़ी तिराहे तक मेट्रो रेल का कॉरिडोर प्रस्तावित था।
- माना जा रहा है कि अम्बाबाड़ी से बीआरटीएस कॉरिडोर का उपयोग करते हुए सीकर रोड होते हुए विद्याधरनगर तक ले जाया जाएगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।