लोकसभा चुनाव: भाजपा के लिए बिहार में सब ठीक बा...! नीतिश कुमार राजी, चिराग के साथ भी डील सील
<p>जेपी नड्डा से मुलाकात की तस्वीरों के साथ चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘एनडीए के सदस्य के रूप में आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक में हमने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बिहार में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है।’ </p>
लोकसभा चुनाव के लिए बिहार की सीटों पर चिराग पासवान और भाजपा में सहमति बन गई है। चिराग पासवान ने बुधवार को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया गया है और उचित समय आने पर इसकी सूचना दे दी जाएगी।
मुलाकात के बाद चिराग ने कहा, ‘मैं सबसे पहले पीएम मोदी का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमेशा मेरे संरक्षण का काम किया है। हमारा लक्ष्य है कि बिहार में सभी सीटें जीतेंगे और देश में 400 सीटें हासिल करेंगे। 2014 और 2019 में जिस तरीके से हम चुनाव लड़े थे, इस बार भी उसी तरह चुनाव जीतेंगे। हमारी सभी चिंताएं सुनी गईं और दूर की गई हैं। हर सीट पर एनडीए का फैसला हो चुका है और जल्द ही इसका ऐलान होगा।’
पशुपति पारस के सवाल पर कहा उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता वो गठबंधन में हैं या नहीं और ये मेरी चिंता भी नहीं है। मैं ये जरूर कह सकता हूं कि वो मेरे कोटे में नहीं हैं। जेपी नड्डा से मुलाकात की तस्वीरों के साथ चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘एनडीए के सदस्य के रूप में आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक में हमने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बिहार में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है। उचित समय आने पर इसकी सूचना दी जाएगी।’
बताया जा रहा है कि चिराग पासवान को हाजीपुर सीट मिलना तय हो गया है। बता दें, इसी सीट पर उनके चाचा पशुपति कुमार पारस भी अपना दावा ठोक रहे हैं। हाल ही चिराग पासवान ने कहा था कि उनकी अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) हाजीपुर से चुनाव लड़ेगी जहां से उनके पिता पासवान ने कई बार चुनाव जीता था और इस सीट का प्रतिनिधित्व फिलहाल उनके चाचा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) के प्रमुख पारस करते हैं।
यह खबर ऐसे मौके पर आई है, जब चिराग पासवान बार-बार ये संकेत दे रहे थे कि वह बेहतर पेशकश करने वाले के साथ जा सकते हैं। हालही चिराग पासवान ने बयान दिया कि हर दल उनकी पार्टी को अपने खेमे में रखना चाहता है। साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने संकेत दिया कि वह विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और बेहतर पेशकश करने वाले खेमे में शामिल हो सकते हैं।
बता दें, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी लोजपा को बिहार में विपक्षी ‘महागठबंधन’ की ओर से अपने पाले में करने के प्रयास किये जा रहे थे। ‘महागठबंधन’ में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और तीन वामपंथी दल शामिल हैं। लोजपा ने 2019 में लोकसभा की छह सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन सभी पर जीत हासिल की थी। हालांकि, लोजपा के बंटवारे के बाद पांच सांसद पशुपति पारस के साथ चले गए थे, वहीं एक खुद चिराग हैं।
भाजपा ने चिराग पासवान को कितने सीटें दी हैं, इसको लेकर अभी कोई अधाकारिक जानकारी नहीं आई है। लेकिन सूत्रों के हवाले से हालही जानकारी सामने आई थी कि भाजपा की ओर से लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के दोनों गुटों को कुल चार सीट देना का प्रस्ताव है। इसके मुताबिक, एक सीट चिराग पासवान को और तीन सीट केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) के प्रमुख पशुपति कुमार पारस को देना का प्रस्ताव है।
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