खरी-खोटी सुनाई गयी तो मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह खेल गये इमोशनल कार्ड..!
<p><em><strong>मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही से स्थानीय लोग नाराज हैं। आज जब ऊर्जा मंत्री उन लोगों के बीच पहुंचे तो लोगों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस पर मंत्री जी इमोशनल कार्ड खेल गए।</strong></em></p> <p> </p>
शिवराज सिंह चौहान सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अक्सर अपनी किसी न किसी अजीबोगरीब और लीक से हटकर काम करने की शैली के कारण चर्चा में रहते हैं। इन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे जनता से कह रहे हैं कि आप चाहें तो मुझे जूते मार लें, डंडे बरसा लें, पर मैं काम वही करूंगा जो आने वाली पीढ़ियों के हित में हो।
आप कहेंगे तो इस्तीफा दे दूंगा
बता दें कि अपने बयानों और कार्यों से अक्सर चर्चा में रहने वाले प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर शासकीय कार्रवाई में मकान टूटने से नाराज लोगों से चर्चा कर रहे थे। तोमर ने ये भी कहा "अगर आप मुझे निकम्मा समझते हैं और आपके किसी काम का नहीं हूं तो आप बोलिए मैं आज ही रिजाइन कर देता हूं। प्रशासन मुझ पर आरोप लगाता है कि आप कार्रवाई नहीं होने दे रहे हैं। मैं तो आपका सेवक हूं इसीलिए आपके पास आया हूं। मैं चाहता हूं कि कोई बीच का रास्ता निकाला जाए। आप मेरे साथ चलो। जिला प्रशासन को लेकर बैठकर बात करते हैं। बीच का रास्ता निकालते हैं, जिससे आपको न्याय मिल सके। विकास के काम भी प्रभावित न हो। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना। "
गौरतलब है कि कि परसों ग्वालियर के किलागेट इलाके में नगर निगम और प्रशासन के अफसर अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे। यहां जेसीबी चलने लगी, तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। लोग हंगामा करने लगे। पुलिस ने लाठियां चलाकर उन्हें खदेड़ा। इसके बाद स्थानीय कांग्रेस नेता भी पहुंच गए थे। पुलिस ने नेताओं को उठाकर घर में नजरबंद कर दिया। अब चूंकि ये इलाका ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का विधानसभा क्षेत्र है इसलिए लोगों ने क्षेत्रीय विधायक तोमर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अमले ने यहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की थी।
बता दें कि अपने विधानसभा क्षेत्र में सड़कें नहीं बनने से नाराज प्रद्युमन सिंह तोमर ने जूते-चप्पल त्याग दिये हैं। सड़कें नहीं बनने पर उन्होंने जनता से माफी भी मांगी। एक रहवासी समस्या सुनाने आया तो मंत्री उसके पैरों में झुक गए।
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