नया संसद भवन गौरव और अतुलनीय आनंद का अवसरः राष्ट्रपति
<p><em>भारत में आज का दिन राजनीतिक सरगर्मी भरा रहा। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नये संसद भवन का उद्घाटन किया तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष के 20 दलों ने इस समारोह का बहिष्कार किया। वे इस बात पर अड़े रहे कि उद्घाटन पीएम मोदी की बजाय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से करवाया जाना चाहिए। बहरहाल इस दौरान संसद भवन का उद्घाटन हुआ। लोकसभा में समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इस मौके पर संसद सदस्य, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य उपस्थित थे। इस दौरान नये संसद भवन में पीएम मोदी ने वीर सावरकर को उनकी जन्मतिथि पर याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।</em></p>
लोकसभा में उद्घाटन के मौके पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन के लोकसभा हॉल में उपस्थित सांसदों को संबोधित किया।
नये संसद भवन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का एक संदेश पढ़ा। जिसमें उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में करीब ढाई साल से भी कम समय में एक नई आधुनिक संसद का निर्माण किया गया। यह अविस्मरणीय क्षण है और इसके लिए पीएम मोदी का आभार है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आशाओं और आकंक्षाओं से नये संसद भवन को नया रूप दिया है।
ये गर्व का क्षण हैः उपराष्ट्रपति
उपसभापति ने उपराष्ट्रपति का संदेश पढ़ते हुए कहा कि ये गर्व का क्षण है। भविष्य की चुनौतियों से सक्षम आधुनिक संसद भवन तैयार हुआ है. यह बेहद खुशी की बात है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में ढाई साल से भी कम समय में एक नई आधुनिक संसद का निर्माण किया गया। यह दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि यह अमृतकाल में प्रेरणा का स्रोत साबित होगा। उन्होंने संदेश के माध्यम से कहा कि भारतीय लोकतंत्र की अभूतपूर्व विकास यात्रा की इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घड़ी और गौरव क्षण में मुझे पूरे देश को बधाई देते हुए बहुत खुशी है। मुझे यकीन है कि इस अमृत काल में बना नया संसद भवन आगे भी हमारे विकास का साक्षी रहेगा।
भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों दर्ज होगा यह अवसरः राष्ट्रपति
उप सभापति ने संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी संदेश पढ़ा। इसमें उन्होंने कहा कि संसद के नये भवन के उद्घाटन का ये अवसर भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा। नये संसद भवन का उद्घाटन हमारी विविधता को भारतभूमि के सबसे उत्तरी छोर से दक्षिणी बिन्दु तक, पूर्वी सीमा से पश्चिमी तटरेखा तक रहने वाले सभी देशवासियों के लिए गौरव और अतुलनीय आनंद का अवसर है।
विश्व में भारत का मान बढ़ाः लोकसभा अध्यक्ष, ओम बिड़ला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मैं पीएम मोदी का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने ढाई साल से भी कम समय में इस भवन का निर्माण करवाया। देश ऐतिहासिक पल का साक्षी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को नई संसद में कहा कि अमृत काल में विश्व में भारत का मान बढ़ा है। उन्होंने भारतीय संसद को आंतरिक और वैश्विक चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता रखते वाला करा दिया। लोकसभा स्पीकर ने कहा, ‘लोकतंत्र हमारे मजबूत भविष्य की नींव है। अनेकता में एकता हमारी ताकत है।’
नए संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘आजादी के अमृतकाल में पूरा देश आज इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बन रहा है. मैं PM मोदी को साधुवाद देता हूं जिनके दृढ़ संकल्प और प्रेरक मार्गदर्शन से संसद का ये नया भवन 2.5 साल से भी कम अवधि में बनकर तैयार हुआ.’
ओम बिरला से पहले राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने भी नई संसद में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, ‘हमारा वर्तमान संसद भवन देश की लोकतांत्रिक गतिविधियों का जीवंत केंद्र रहा है. हमारी प्रगति का मार्गदर्शक रहा है। यह भवन भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति तथा संविधान निर्माण से लेकर हमारी गौरवशाली लोकतांत्रिक यात्रा के दौरान अनेक ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है।’
हरिवंश ने कहा, ‘आने वाले वर्षों में परिसीमन के कारण सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना एवं संसद की बढ़ती हुई ज़िम्मेदारियों को देखते हुए वर्तमान संसद भवन में स्थान का अभाव महसूस किया जा रहा था. संसद के दोनों सदनों के सदस्यों ने प्रधानमंत्री से एक नए भवन के निर्माण का आग्रह किया था।’
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