पिता स्कूल पहुंचने में हो जाते थे लेट,समय का सदुपयोग करने के लिए मां ने डाल दिया चैस क्लास में..आज है भारत का युवा ग्रैंडमास्टर, पढ़ें यूथ आइकॉन 'डी गुकेश ' की कहानी

<p><em>भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने पूर्व विश्व रैपिड चैंपियन उज्बेकिस्तान के नोरिदबेक अब्दुसातरोव को फाइनल में हराकर इस हफ्ते हुई विश्व शतरंज आर्मागेडन एशिया एवं ओसनिया स्पर्धा जीत ली। पहले गेम में मौका गंवाने के बाद गुकेश अगला गेम हार बैठे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने अपने अतिरिक्त अवसर का उपयोग किया और मैच में फिर से शुरुआत की। गुकेश के लगातार हावी रहने के बाद &#39;नए&#39; मैच का पहला गेम ड्रॉ रहा। उन्होंने चैंपियन बनने के लिए अगला गेम जीता।</em></p>

पिता स्कूल पहुंचने में हो जाते थे लेट,समय का सदुपयोग करने के लिए मां ने डाल दिया चैस क्लास में..आज है भारत का युवा ग्रैंडमास्टर, पढ़ें यूथ आइकॉन 'डी गुकेश ' की कहानी
15-04-2023 - 11:26 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

भारत के शतरंज ग्रैंडमास्टर गुकेश डी  विश्व इतिहास में ग्रैंडमास्टर खिताब हासिल करने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के युवा हैं। गुकेश ने सात वर्ष की उम्र में ही शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। आज आपको इस 16  साल के भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश यूथ आइकॉन बनने की कहानी बताते हैं।  

स्कूल लेने जाने में लेट हो जाते थे पिता 
गुकेश की मां एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं और उनके पिता एक सर्जन हैं। ऐसे में उनका शेड्यूल काफी व्यस्त था। वह एकलौते बेटे गुकेश को काफी कम समय दे पाते थे। उनके पिता रजनीकांत ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था “आमतौर पर जब मैं उसे स्कूल लेने जाता था तब समस्या यह थी कि उसके स्कूल खत्म होने के 15-20 मिनट बाद ही पहुंच पाता था। उसकी मां ने यह सलाह दी थी कि उसे किसी अन्य खेल के बजाय शतरंज में डाल देना चाहिए ”

स्कूल के प्रति अनुशासित 
गुकेश की मां ने कहा, “जब उसके स्कूल और पढ़ाई की बात आती थी तो हमें उसे कभी भी कहना नहीं पड़ता था।  वो खुद ही अपना सारा होमवर्क पूरा करता था।  जो कि हमारे लिए बहुत अच्छा था।  हमें उसकी शरारती व्यवहार से कोई समस्या नहीं थी।  क्योंकि जब वह अपने स्कूल का काम करता था, तब बहुत अनुशासित होता था।  जब उसने शतरंज खेलना शुरू किया था, तब उसके शिक्षक उसकी काफी प्रशंसा करते थे। वो ये कहते थे कि गुकेश बहुत अच्छा खेल रहा ह।  वह सिखाए बिना ही बहुत आक्रामक शतरंज खेलने लगा था। ”

अठावले की उलटबांसी...! बोले-हम 2024 की लड़ाई के लिए तैयार, अगर विपक्ष साथ आए तो...लेकिन मोदी पड़ेंगे सब पर भारी

2015 में जीती एशियन स्कूल शतरंज चैंपियनशिप
गुकेश ने सभी का ध्यान गुकेश की तरफ तब खिंचा जब उन्होंने साल 2015 में एशियन स्कूल शतरंज चैंपियनशिप का अंडर 9 वर्ग जीता था। फिर उन्होंने साल 2018 में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप जीती थी। 2018 एशियाई युवा शतरंज चैंपियनशिप में गुकेश ने पांच गोल्ड मेडल जीते थे। वह मार्च 2018 में फ्रांस के 34वें ओपन डे कैपले ला ग्रांडे शतरंज टूर्नामेंट में एक इंटरनेशनल मास्टर बन गए थे। 

विश्व के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने 
साल 2019 में वह सबसे कम उम्र के भारतीय ग्रैंडमास्टर बने थे। वह भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर तो बने, लेकिन वह विश्व के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बनने से मात्र 17 दिन चूक गए थे।  रूस के सर्गेई कर्जेकिन से 17 दिन बड़े होने के कारण वह यह रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके।  वह 12 साल 7 महीने 17 दिन की उम्र में भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने थे।  जबकि सर्गेई ने 12 साल 7 महीने की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने साल 2022 शतरंज ओलंपियाड में गोल्ड भी जीता था और अब 2023  में विश्व शतरंज आर्मागेडन एशिया एवं ओसनिया स्पर्धा जीत ली है। 

10 अप्रैल 2023 को रोमांचक स्पर्धा आर्मगेडन चैंपियनशिप सीरीज़ 2023 की जीत के बाद गुकेश ने ट्वीट किया, रोमांचक स्पर्धा आर्मगेडन चैंपियनशिप सीरीज़ 2023-एशिया और ओशिनिया ग्रुप को जीतकर खुशी हुई। स्पर्धा को खेलने के तरीके से भरपूर नए अनुभवों का आनंद लिया।

Asian Wrestling Championships: अमन सहरावत ने फाइनल में जीता स्वर्ण पदक; पांच महिला पहलवानो ने भी रजत और कांस्य डाले भारत की झोली में

पांच छक्कों से छीन ली गुजरात के जबड़ों से जीत और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा शाहरुख़ का ट्वीट 'झूमे जो रिंकू'

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।