दिल्लीवालों को मिलती रहेगी बिजली सब्सिडी ; आरोपों प्रत्यारोपों के बाद LG ने दी फाइल को मंजूरी

<p>दिल्ली में बिजली सब्सिडी के मुद्दे पर राजधानी दिल्ली में कल पूरे दिन सियासी पारा चढ़ता रहा। दिल्ली की ऊर्जा मंत्री आतिशी&nbsp;ने शनिवार से दिल्ली में मुफ्त बिजली नहीं मिलने और &nbsp;एलजी पर फाइल अपने पास रखने का आरोप लगा दिया। &nbsp;का दावा कर दिया तो एलजी ने भी पलटवार किया। दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप के बाद आखिरकार शाम ढलने पर दिल्लीवासियों को राहत मिली।</p>

दिल्लीवालों को मिलती रहेगी बिजली सब्सिडी ; आरोपों प्रत्यारोपों  के बाद LG ने दी फाइल को मंजूरी
15-04-2023 - 10:35 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

दिल्ली की ऊर्जा मंत्री आतिशी ने शुक्रवार को मीडिया के समक्ष उपराज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि बिजली सब्सिडी से जुड़ी फाइल रोककर बैठ गए हैं। उनके अनुसार शनिवार से दिल्लीवासियों को मुफ्त बिजली नहीं मिलेगी। आतिशी ने कहा कि उन्होंने एलजी साहब के दफ्तर में संदेश भेजकर केवल 5 मिनट का वक्त मांगा, लेकिन जवाब नहीं मिला। एलजी से फाइल जल्द पास करने का आग्रह करते हुए कहा कि इसमें देरी होने पर बिजली बिल में सब्सिडी नहीं मिलेगी। टाटा, बीएसईएस ने चिट्ठी लिखी है कि उनके पास सब्सिडी की सूचना नहीं आई तो बिलिंग शुरू करेंगे।

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मंजूरी के बाद का श्रेय खुद को 
एलजी ने सब्सिडी की फाइल को मंजूरी देते हुए ऊर्जा मंत्री को अनावश्यक राजनीति, झूठे आरोपों से बचने और दिल्लीवासियों को गुमराह नहीं करने की सलाह दी है। उधर, सब्सिडी मामले में एलजी की हरी झंडी मिलने का श्रेय लेते हुए दिल्ली सरकार ने कहा कि उनके प्रयास से जनता के आक्रोश को देखते हुए यह फैसला लिया गया।

ऑडिट नहीं कराने पर सरकार की आलोचना
उधर, एलजी दफ्तर ने जवाब दिया है कि उनकी कुछ बिंदुओं पर आपत्ति है जिसे दुरुस्त करने को कहा गया है। साथ ही एलजी ने आप सरकार पर बिजली कंपनियों का ऑडिट ना कराने की तीखी आलोचना की है। हुआ ये था कि मंत्री और मुख्यमंत्री ने एलजी को 11 अप्रैल को ही फाइल भेजी गई और 13 अप्रैल को चिट्ठी लिखकर प्रेस कांफ्रेंस कर नाटक कर दिल्ली की जनता के सामने नाटक करने लगे। 

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झूठे बयानों से न करें जनता को गुमराह :  एलजी
बिजली मंत्री को सलाह दी है कि एलजी के खिलाफ अनावश्यक राजनीति और झूठे आरोपों से बचें। झूठे बयानों से लोगों को गुमराह करना बंद करना चाहिए। उन्हें जनता को जवाब देना चाहिए कि इस संबंध में फैसला 4 अप्रैल तक क्यों लंबित रखा गया, जबकि समय सीमा 15 अप्रैल थी। एलजी को 11 अप्रैल को फाइल क्यों भेजी गई। 13 अप्रैल को चिट्ठी लिखकर प्रेस कांफ्रेंस कर नाटक करने की क्या जरूरत थी, जब एलजी ने फाइल को मंजूरी दे दी।

केजरीवाल सरकार के प्रयासों से एलजी को झुकना पड़ा 
दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी मामले पर एलजी की मंजूरी पर कहा है कि केजरीवाल सरकार के प्रयास और जनता में फैले आक्रोश के आगे एलजी झुके। केजरीवाल सरकार दिल्ली की जनता को आश्वस्त करना चाहती है कि चाहे कुछ भी क्यों ना करना पड़े दिल्लीवासियों को मिल रही सुविधाओं को रुकने नहीं देंगे। एक दिन पहले मंत्री ने बिजली सब्सिडी के मामले में पूरे दिन एलजी से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन वक्त नहीं मिला। एलजी की तरफ से बिजली सब्सिडी रोकने की सूचना जैसे ही जनता तक पहुंची, उनमें भारी आक्रोश फैल गया। शुक्रवार को भी ऊर्जा मंत्री आतिशी ने फाइल क्लीयर कराने का प्रयास किया और साथ ही मुफ्त बिजली रोकने की भाजपा और एलजी की साज़िश का मीडिया के सामने खुलासा किया। इसके बाद एलजी ने आनन-फानन में मुफ्त बिजली फाइल को मंजूरी दे दी।

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एलजी वीके सक्सेना द्वारा सरकार की आलोचना
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने निजी बिजली कंपनियों को 13,549 करोड़ रुपये दिए जाने की ऑडिट से बचने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार की तीखी आलोचना की है। यह सब्सिडी 2016 से 2022 के बीच दी गई। एलजी ने आर्थिक तौर पर कमजोर वर्गों के लिए इस मद में राहत पर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने साफ किया सब्सिडी के मद में दी गई यह राशि जनता से टैक्स और राजस्व के रूप में मिली है। सरकार की अहम जिम्मेदारी है कि इसका फायदा किसी निहित स्वार्थ वाले या धन चोरी करने वाले के हाथों में जाने के बजाय जरूरतमंदों को मिले।


 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।