पटाखे पर पूर्ण पाबंदी के खिलाफ किसी की नहीं सुनेंगे..! सुप्रीम कोर्ट बोला, लोगों को शुद्ध हवा में सांस लेने दीजिए
<p><em><strong>सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली में पटाखे पर पूर्ण पाबंदी के खिलाफ याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि दीपावली मनाने का दूसरा तरीका भी है, लोगों को शुद्ध हवा में सांस लेने दिया जाए। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।</strong></em></p>
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पटाखे पर लगाए गए पूरी तरह से बैन के खिलाफ दाखिल याचिका पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने फिर इनकार कर दिया और कहा कि लोगों को शुद्ध हवा में सांस लेने दिया जाए। बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने अर्जी दाखिल कर पटाखे पर लगाए गए पूरी तरह से बैन के खिलाफ गुहार लगाई है और कहा है कि बैन हटाया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह मामले में अन्य अर्जी के साथ बाद में सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दीपावली मनाने के अन्य तरीके हैं। राजधानी दिल्ली में पटाखे पर पूरी तरह से बैन है। ग्रीन पटाखे पर भी बैन लगाया गया है। दीपावली 24 अक्टूबर को है। मनोज तिवारी ने 10 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि दिल्ली सरकार ने पटाखे पर बैन कर दिया है। इस मामले में दाखिल याचिका पर 10 अक्टूबर को भी सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश से पारित करने से इनकार किया था।
मनोज तिवारी के वकील शशांक शेखर ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने यह मामला उठाया और पटाखे पर बैन के खिलाफ दलील पेश करते हुए अर्जी पर तुरंत सुनवाई की मांग की। लंच ब्रेक के दौरान एडवोकेट शेखर ने यह मामला उठाया और तुरंत सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने फिर जल्द सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि आप अपने पैसे मिठाई आदि में खर्च करें। दीपावली मनाने के बाकी भी तरीके हैं। कोर्ट ने कहा कि लोगों को शुद्ध हवा में सांस लेने दिया जाए।
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