पहली नमो भारत ट्रेन हुई रवाना: पहला टिकट लेकर इतिहास में दर्ज हुई प्रेमलता

<p><em><strong>लोग बड़ी उत्सुकता से ट्रेन की यात्रा करने पहुंच रहे हैं। लोग परिवार के साथ भी सफर के लिए पहुंचे।</strong></em></p>

पहली नमो भारत ट्रेन हुई रवाना: पहला टिकट लेकर इतिहास में दर्ज हुई प्रेमलता
21-10-2023 - 11:10 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

बहुप्रतीक्षित रेपिड रेल नमो भारत के सुहाने सफर की शुरुआत हो गई है। इस ट्रेन की पहली टिकट लेने वाली यात्री प्रेमलता बनी हैं। लोग बड़ी उत्सुकता से ट्रेन की यात्रा करने पहुंच रहे हैं। लोग परिवार के साथ भी सफर के लिए पहुंचे। पहली ट्रेन साहिबाबाद से दुहाई के लिए रवाना हुई।
खूबियां जो रैपिड रेल को मेट्रो से अलग बनाती हैं...
- मेट्रो के स्टेशन एक किमी की दूरी पर हैं, जबकि नमो भारत के स्टेशनों की दूरी लगभग चार किलोमीटर है।
- मेट्रो में सामान रखने को रैक नहीं है। नमो भारत में रैक है।
- मेट्रो में प्रत्येक सीट पर लैपटॉप, मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट नहीं है, नमो भारत में हैं।
- मेट्रो के अंदर खानपान का सामान नहीं मिलता है, नमो भारत के प्रीमियम कोच में यह सुविधा है।
- मेट्रो में स्ट्रेचर पर मरीज ले जाने की सुविधा नहीं है, नमो भारत में है।
- मेट्रो के स्टेशन दो तल के हैं, नमो भारत के दो से चार तल तक के हैं।
- मेट्रो में प्रीमियम कोच नहीं होता है, नमो भारत में प्रीमियम कोच है।
- मेट्रो पर पुलिस पोस्ट नहीं है, नमो भारत के प्रत्येक स्टेशन पर है।
- मेट्रो में अटेंडेंट की व्यवस्था नहीं है, नमो भारत में अटेंडेंट की व्यवस्था है।
- मेट्रो के दरवाजे खुद खुलते हैं, नमो भारत के बटन दबाने के बाद खुलेंगे।
- मेट्रो की अधिकतम स्पीड 60 किमी प्रतिघंटा होती है, नमो भारत की अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रतिघंटा है।
- मेट्रो के एक कोच में 50 लोग बैठ सकते हैं, नमो भारत के एक कोच में 72 लोग बैठ सकते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।