मणिपुर में सुधर रहे हालत, कल से खुलेंगे स्कूल, 5 जिलों में सख्त होगी सुरक्षा व्यवस्था

<p><em><strong>काफी प्रयासों के बाद मणिपुर में पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल आज यानी पांच जुलाई से खुल रहे हैं। पहाड़ी और घाटी जिलों में स्थापित बंकरों को हटाने का काम शुरू हो गया है। मेइती और कुकी समुदायों के किसानों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है।</strong></em></p>

मणिपुर में सुधर रहे हालत, कल से खुलेंगे स्कूल, 5 जिलों में सख्त होगी सुरक्षा व्यवस्था
05-07-2023 - 08:02 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

पिछले दो महीने से मणिपुर में जातीय हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इस बीच केंद्र और राज्य सरकार की पहल का असर भी देखने मिल रहा है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बताया कि हिंसक घटनाओं को देखते हुए पांच जिलों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी और क्लास 1 से 8 तक के लिए पांच जुलाई यानी कल से स्कूल खोले जाएंगे। वहीं, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र और मणिपुर सरकार से राज्य में जातीय हिंसा को रोकने के लिए उठाए गए कदमों, विस्थापित और हिंसा प्रभावित लोगों के लिए शिविरों के लिए उठाए गए कदमों, सुरक्षा बलों की तैनाती और कानून व्यवस्था की स्थिति पर डिटेल रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 10 जुलाई को करेगा।
नेशनल हाईवे-2 से हटाई गई नाकेबंदी
सरकार के द्वारा उठाए जा रहे कदम का सकारात्मक प्रभाव अब दिखने लगा है। कई दौर की चली बैठक के बाद यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन ने एनएच-2 पर कांगुई (कांगपोकपी) से नाकाबंदी को हटा लिया है। इस नाकेबंदी के हटने से मणिपुर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी रोकटोक के सुनिश्चित हो सकेगी।
छिटपुट घटनाओं के बीच सामान्य हालात
इसे राज्य में शांति बहाली की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। बता दें कि इस रास्ते से नाकेबंदी को हटाने के लिए के सुरक्षाबलों द्वारा काफी मशक्कत करना पड़ा था। मणिपुर पुलिस का कहना है कि पिछले 24 घंटों में गोलीबारी और भीड़ उग्र होने की कुछ छिटपुट घटनाएं हुई है। लेकिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में स्थिति में काफी सुधार है।

अतिरिक्त सुरक्षाबल की तैनाती
सीएम एन बिरेन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पहाड़ी और घाटी जिलों में उग्रवादियों द्वारा बनाए गए बंकरों को हटाने का काम शुरू हो गया है। इन बंकरों को उग्रवादियों ने उंचे स्थानों पर बनाया है ताकि वहां से निशाना लगाया जा सके। इस डर से दोनों समुदाय के किसान खेती करने नहीं जा पाते थे। इसीलिए मेइती और कुकी दोनों समुदायों के किसानों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए जा रहें हैं ताकि किसानी की गतिविधियां शुरू हो सकें। इसी कारण से हिंसा प्रभावित पांच जिलों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।
हिंसा में जा चुकी है 130 से अधिक लोग की जान
मणिपुर में 3 मई से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जातीय हिंसा जारी है। इस भयानक हिंसा में अब तक 130 से अधिक आम लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 450 से अधिक लोग के घायल होने की खबर हैं। 65,000 से अधिक लोग मजबूरन अपना घर छोड़ चुके हैं। राज्य में आग लगने की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। आम लोग की जिंदगी दहशत में कट रही है। इस बीच हिंसा के 6 हजार मामले दर्ज हुए हैं और 144 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। राज्य में 36 हजार सुरक्षाकर्मी और 40 बड़े अधिकारी तैनात किए गए हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।