गेहूं जमाखोरों के विरुद्ध हो सकती है कड़ी कार्रवाई
देश में जल्दी ही गेहूं के जमाखोरों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। उन्हीं के कारण गेहूं के दामों में तेजी आई है। यह कहना है केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय का। उन्होंने रोल फलोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की वार्षिक आमसभा में कहा कि केंद्र सरकार व्यापारियों को गेहूं के स्टॉक का रोजाना खुलासा करने और स्टॉक सीमा लगाने का भी विचार कर रही है। इससे देश में गेहूं घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि देश में गेहूं की कोई समस्या नहीं है और केंद्र के पास सरकारी स्वामित्व वाले भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों में 2.4 करोड़ टन गेहूं उपलब्ध है। देश में इस साल 2021-22 (जुलाई-जून) के रबी सत्र में सरकार का गेहूं पैदावार का अनुमान लगभग 10.5 करोड़ टन है जबकि व्यापार जगत का अनुमान 9.5-9.8 करोड़ टन का ही है। उन्होंने कहा कि व्यापार अनुमानों को सही एक बार को सही मानें तो भी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए गेहूं भंडारण पर्याप्त है।’
उल्लेखनीय है कि देश ने चालू वित्त वर्ष में अब तक 45 लाख टन गेहूं का निर्यात किया है, उसमें से 21 लाख टन गेहूं 13 मई को निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पहले ही निर्यात कर दिया गया था. इस अवधि में भारत ने पिछले वित्त वर्ष में 72 लाख टन गेहूं का निर्यात किया था।
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