नौकरी के लिए ऐसी मारामारी कि कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए पहुंच रहे पीएचडी डिग्रीधारक..!
<p><em>देश में बेरोजगारी के हालात ऐसे हो चुके हैं कि वांछित डिग्री योग्यता से ज्यादा योग्यता रखने वाले भी अपेक्षाकृत कमतर रोजगार के लिए आवेदन कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश में ऐसे ही मामले सामने आये हैं। यहां पुलिस कांस्टेबल की नौकरी के लिए बड़ी संख्या में एमटेक, एलएलबी व एमबीए डिग्री धारकों ने आवेदन किया है। इन आवेदकों में से 10 लोग तो ऐसे हैं जो पीएचडी डिग्री धारी भी हैं। जबकि इस भर्ती के लिए वांछित योग्यता 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करना रखा गया है। इस पद पर भर्ती के लिए रविवार, 22 जनवरी को ही लिखित परीक्षा हो रही है।</em></p>
राज्य स्तरीय पुलिस भर्ती बोर्ड (एपीएसएलपीआरबी) ने एक बयान जारी कर बताया है कि कांस्टेबल के 6,400 पदों पर भर्ती की जानी है। इसके लिए कुल 5,03,486 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इनमें 94 एलएलबी व 930 एमटेक डिग्री धारक शामिल हैं। अन्य अभ्यर्थियों की सूची में 5,284 एमबीए व 4,365 एमएससी डिग्री धारक शामिल हैं। भर्ती बोर्ड के बयान के अनुसार, परीक्षा के 5,03,486 अभ्यर्थियों में कुल 13,961 स्नातकोत्तर और 1,55,537 स्नातक अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें से 3,95,415 पुरुष और 1,08,071 महिलाएं हैं। लिखित परीक्षा के लिए 3.64 लाख से अधिक आवेदकों ने तेलुगु, जबकि 1.39 लाख से अधिक ने अंग्रेजी और 227 ने उर्दू माध्यम को चुना है।
देश में कम योग्यता वाली नौकरी के उच्च शिक्षितों द्वारा आवेदन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व मध्य प्रदेस और उत्तर प्रदेश में भी ऐसा हो चुका है। वर्ष 2021 में मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिला अदालत में चपरासी, माली, ड्राइवर और स्वीपर के 15 पदों के लिए करीब 11 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। चतुर्थ श्रेणी की इन नौकरियों के लिए ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवार कतार लगाकर साक्षात्कार देने पहुंच गए थे।
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