गुल्लक से निकला गरीब बच्चों का फ्यूचर, दोस्तों ने बढ़ाया हाथ

गुल्लक से निकला गरीब बच्चों का फ्यूचर, दोस्तों ने बढ़ाया हाथ
28-08-2022 - 07:58 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

बचपन में गुल्लक जब टूटती थी तो इस उम्मीद के साथ कि जरूरतें पूरी होंगी। कुछ अपनी, कुछ अपनों की। मुसीबत के समय में ही गुल्लक को तोड़ा जाता था। गुल्लक टूटकर सुख दे जाता था। कुछ ऐसी ही कोशिश की राधा कृष्ण इंटर कॉलेज ने। कोरोना काल में जब लोगों की नौकरियां जा रही थी। कमाई कम हो गई थी। ऐसे में परिस्थिति के शिकार बच्चों के लिए उम्मीद बनकर आया गुल्लक मैनेजमेंट। आगरा के खंदारी स्थित राधा कृष्ण इंटर कॉलेज ने एक ऐसी व्यवस्था बनाई, जिसने न केवल कोरोना काल में गरीब और जरूरतमंद बच्चों की मदद की बल्कि आज भी गरीब परिवार के बच्चों के लिए यह सिस्टम वरदान बना हुआ है। इंटर कॉलेज के प्राचार्य और कर्मचारियों ने मिलकर गुल्लक खरीदे। उन पर नंबरिंग की गई। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवार के बच्चों को टैग किया गया। सारी प्रक्रिया गोपनीय। ताकि, उन बच्चों में किसी प्रकार की हीन भावना न आए। आज यह सिस्टम बच्चों ही नहीं, अभिभावकों के बीच भी खासा लोकप्रिय हो गया है।
कुछ ऐसे होता है गुल्लक मैनेजमेंट
प्रत्येक गरीब और जरूरतमंद छात्र-छात्राओं के लिए एक गुल्लक रखा गया है। इन गुल्लकों पर नंबरिंग की गई है। इन नंबरों से लाभ उठाने वाले विद्यार्थी को टैग किया गया है। हालांकि, उन्हें यह जानकारी नहीं होती है कि उनके नाम का कौन सा गुल्लक है। वहीं, अन्य छात्रों को भी नहीं पता होता है कि किस विद्यार्थी के लिए यह गुल्लक रखा गया है। प्राचार्य के स्तर पर पूरा मैनेजमेंट किया जाता है। प्राचार्य स्वयं गरीब छात्र-छात्राओं के संपर्क में रहते हैं। कॉलेज आने वाले बच्चे, टीचिंग स्टाफ, बच्चों के अभिभावक या अन्य कोई भी इन गुल्लकों में पैसे जमा करता है और जरूरत पड़ने पर गुल्लक तोड़कर विद्यार्थी के महीने की फीस भरी जाती है। बचे हुए पैसों से अन्य पाठ्य सामग्री खरीदी जाती है। अब तक करीब 100 बच्चों की सहायता की जा चुकी है।

 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।