सिर्फ रक्षा बंधन के दिन खुलता है यह खास मंदिर

NULL

सिर्फ रक्षा बंधन के दिन खुलता है यह खास मंदिर
11-08-2022 - 05:54 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

भारत  में कई ऐसे अनोखे मंदिर आपको देखने को मिल जाएंगे, जिनका अपना एक अलग रहस्य और अपनी एक अलग कहानी है। भारत के प्राचीन इतिहास में कई ऐसे रोचक बातें छिपी हुई हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पता होगा। एक ऐसे ही रोचक तथ्यों से भरपूर है, उत्तराखंड का एक मंदिर, जिसको लेकर कहा जाता है कि यहां के कपाट केवल और केवल रक्षाबंधन के दिन ही खुलते हैं।
कहां है ये अनोखा मंदिर
इस मंदिर का नाम बंशीनारायण/वंशीनारायण मंदिर के नाम से जाना जाता है, जो उत्तराखंड के चमोली जिले की उर्गम घाटी पर मौजूद है। मंदिर तक जाने का अनुभव बेहद ही अलग है क्योंकि यहां तक कई लोग ट्रैकिंग करते हुए पहुंचते हैं। ये मंदिर भी इसलिए खास माना जाता है क्योंकि इसका अपना अलग ही महत्व है, साथ ही पर्यटक भी इस मंदिर की खासियत की वजह से यहां घूमने के लिए आते हैं।
इस मंदिर के कपाट पूरे साल बंद रहते हैं लेकिन केवल एक दिन यानी रक्षाबंधन के दिन ही खोले जाते हैं। रीती रिवाजों के अनुसार, यहां की महिलाएं और लड़कियां भाइयों को राखी बांधने से पहले भगवान की पूजा करती हैं। कहते हैं कि यहां भगवान श्रीकृष्ण और शिवजी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इस मंदिर से जुड़ी एक प्राचीन कहानी है कि विष्णु अपने वामन अवतार से मुक्त होने के बाद सबसे पहले यही प्रकट हुए थे। इसके बाद से ही यहां देव ऋषि नारद भगवान नारायण की पूजा की जाती है। इसी वजह से यहां पर लोगों को सिर्फ एक दिन ही पूजा करने का अधिकार मिला हुआ है।
मंदिर से जुड़ी दूसरी रोचक बातें
मंदिर में श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित है और इस मंदिर की अंदर से ऊंचाई महज 10 फुट है। यहां के पुजारी राजपूत हैं, जो हर साल रक्षाबंधन पर ही खास पूजा का आयोजन करते हैं। मंदिर के नजदीक एक भालू गुफा भी है, जहां भक्त प्रसाद बनाते हैं। इस दिन यहां स्थानीय स्तर पर हर घर से मक्खन आता है और इसे प्रसाद में मिलाकर भगवान को चढ़ाया जाता है।
बंसी नारायण मंदिर को क्या खास बनाता है
मंदिर में भगवान नारायण और भगवान शिव दोनों की मूर्तियां मौजूद हैं। साथ ही, भगवान गणेश और वन देवी की मूर्तियां इस मंदिर की शोभा बढ़ाती हैं।
कैसे पहुंचें बंसी नारायण मंदिर?
उत्तराखंड के चमोली जिले में उर्गम घाटी में स्थित बंसी नारायण मंदिर तक केवल पैदल ही पहुंचा जा सकता है। पहले आपको जोशीमठ तक जाना होगा जो देहरादून से लगभग 293 किमी की दूरी पर है। जोशीमठ से, हेलंग की ओर, जो 22 किमी दूर है, और अंत में देवग्राम की ओर, हेलंग से 15 किमी दूर है। बंसी नारायण मंदिर का ट्रेक देवग्राम से शुरू होता है और लगभग 12 से 15 किमी लंबा होता है।

 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।