Hindenburg Research : हिंडनबर्ग रिसर्च क्या है, क्या विश्वसनीय है अडानी समूह के विरुद्ध इसकी रिपोर्ट..
<p><em>Hindenburg Research ने 32 हजार शब्दों वाली एक रिपोर्ट में संभावित स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग फ्रॉड का हवाला देते हुए बुधवार, 25 जनवरी को भारत के अडानी ग्रुप में शॉर्ट पोजिशन का खुलासा किया। इस रिपोर्ट में लगाये गये आरोपों के कारण अडानी समूह की कंपनियों के बांड और शेयरों के दामों को नीचे गिरा दिया। हिंडनबर्ग का कॉर्पोरेट जगत में होने वाले गलत कामों को खोजकर उनकी रिपोर्ट प्रकाशित करती रही है।</em></p> <quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal>
हिंडनबर्ग रिसर्च क्या है
नाथन एंडरसन द्वारा 2017 में स्थापित, Hindenburg Research एक वित्तीय शोध फर्म है जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव का विश्लेषण करती है।अपनी वेबसाइट पर हिंडनबर्ग का कहना है कि यह "मानव निर्मित आपदाओं" की तलाश करती है जैसे लेखांकन अनियमितताएं, कुप्रबंधन और अघोषित लेनदेन। इसके अलावा कंपनी हेज फंड में कारोबार करती है।
इसका नाम 1937 में हिंडनबर्ग एयरशिप की हाई प्रोफाइल आपदा के नाम पर रखा गया था। संभावित गलत कामों को खोजने के बाद, हिंडनबर्ग आमतौर पर एक रिपोर्ट प्रकाशित करता है जिसमें मामले की व्याख्या की जाती है और लाभ कमाने की उम्मीद में टारगेट कंपनी के खिलाफ दांव लगाया जाता है।
हिंडनबर्ग के संस्थापक कौन हैं?
नाथन एंडरसन, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डिग्री के साथ कनेक्टिकट विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, ने डेटा कंपनी फैक्टसेट रिसर्च सिस्टम्स इंक में वित्त विभाग में अपना करियर शुरू किया। यहां उन्होंने निवेश प्रबंधन कंपनियों के साथ काम किया।
हिंडनबर्ग का सबसे हाई-प्रोफाइल दांव क्या है?
हिंडनबर्ग सितंबर 2020 में इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माता निकोला कॉर्प के खिलाफ अपने दांव के लिए सबसे अच्छी तरह से जाना जाता है, जिसने "एक बड़ी जीत" हासिल की ।
संदेह तो हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भी..
हिंडनबर्ग रिसर्च की अडाणी समूह को लेकर रिपोर्ट पर विश्वास करने के कारण भारतीय शेयर बाजारों में भूचाल आ गया हो लेकिन खुद हिंडनबर्उग रिसर्च की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग दर्जनों बड़े शॉर्ट-सेलिंग निवेश और शोध फर्मों की जांच कर रहा है। इनमें मेल्विन कैपिटल और संस्थापक गेबे प्लॉटकिन, रिसर्चर नैट एंडरसन और हिंडनबर्ग रिसर्च सोफोस कैपिटल मैनेजमेंट और जिम कारुथर्स भी शामिल हैं। विभाग ने साल 2021 के अंत में लगभग 30 शॉर्ट-सेलिंग फर्मों के साथ-साथ उनसे जुड़े तीन दर्जन व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, फेडरल प्रॉसीक्यूटर इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या शॉर्ट-सेलर्स ने समय से पहले हानिकारक शोध रिपोर्ट साझा करके और अवैध व्यापार रणनीति में शामिल होकर शेयर की कीमतों को कम करने की साजिश रची थी। यही वजह है कि Hindenburg Research की रिपोर्ट पर भी संदेह किया जा रहा है।
What's Your Reaction?