महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड... भारत को एशियन गेम्स में मिला 100वां पदक
<p><em>भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2023 में गोल्ड मेडल जीता। यह भारत का गेम्स का 100वां पदक है। भारत पहली बार 100 मेडल तक पहुंचने में सफल रहा है। इसमें 25 गोल्ड भी शामिल हैं।</em></p>
भारत ने एशियन गेम्स में पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा छू लिया है। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ताइवान को हराकर भारत को 100वां मेडल दिया। इसमें 25 गोल्ड भी शामिल है। इसके अलावा भारत ने अब तक 35 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज मेडल भी जीते हैं।
ताइवान को 26-25 से दी मात
महिला टीम ने रोमांचक फाइनल में ताइवान को 26-25 से हराया। आज पुरुष कबड्डी टीम भी गोल्ड मेडल के मुकाबले में उतरेगी। इसके अलावा पुरुष क्रिकेट भी गोल्ड के मुकाबले में अफगानिस्तान से भिड़ेगी। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम गोल्ड पर कब्जा कर चुकी है।
बेहतरीन शुरुआत, दूसरे हाफ में लड़खड़ाई
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ताइवान के खिलाफ बेहतरीन शुरुआत की। हाफ टाइम तक भारतीय टीम 14-9 से आगे थी। दूसरे हाफ में भी उसने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 26-25 से मुकाबला जीतकर गोल्ड अपने नाम किया। अंतिम समय तक दोनों ही टीमों के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिली।
सबसे अधिक 7 गोल्ड शूटिंग में
भारत अब तक 9 खेलों में कम से कम एक-एक गोल्ड मेडल जीत चुका है। सबसे अधिक 7 गोल्ड शूटिंग में मिले हैं। इसके अलावा 6 गोल्ड एथलेटिक्स में तो 5 गोल्ड आर्चरी में आए हैं। स्क्वाश में 2 गोल्ड आए। इसके अलावा टेनिस, घुड़सवारी, क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी में भी एक-एक गोल्ड मिला है।
पहली बार लगाया मेडल का सैंकड़ा
भारत ने शुक्रवार तक 95 मेडल जीते थे। शनिवार को पहले 4 मेडल आर्चरी में आए। सुरेश वेन्नम और ओजस देवताले ने गोल्ड जीता। इसके अलावा अभिषेक वर्मा ने सिल्वर तो अदिति स्वामी ने ब्रॉन्ज अपने नाम किया। इससे पहले भारत ने 2018 एशियन गेम्स में सबसे अधिक 70 मेडल जीते थे। एशियन गेम्स में अब तक सबसे अधिक 29 मेडल एथलेटिक्स में आए हैं। इसके अलावा भारतीय शूटर्स ने 22 मेडल अपने नाम किए। आर्चरी टीम भी 9 मेडल जीतने में सफल रही।
ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस देवताले ने गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाई जबकि अदिति स्वामी को ब्रॉन्ज मिला। आर्चरी टीम ने कुल 9 मेडल जीते। इससे पहले भारत ने इंचियोन में 2014 में हुए खेलों में 3 मेडल जीते थे। गोल्ड जीतने के बाद ज्योति ने कहा, मेरे पास शब्द नहीं है। इतने जज्बात उमड़ रहे हैं। मुझे सोचने के लिए समय लगेगा। वहीं, गुरू और शिष्य के मुकाबले में 21 वर्ष के विश्व चैम्पियन देवताले ने 34 वर्ष के अभिषेक वर्मा को 149-147 से हराया।
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