इजराइल में मोदी के खास दोस्त की वापसी, बेंजामिन नेतन्याहू को मिली जीत
<p><em><strong>नेतन्याहू इजराइल के सर्वाधिक समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्होंने लगातार 12 वर्षों तक और कुल मिलाकर 15 साल तक देश पर शासन किया। उन्हें पिछले साल सत्ता से हटना पड़ा था।</strong></em></p>
इजराइल में फिर से एक बार पीएम मोदी के खास दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार बनने जा रही है। मौजूदा पीएम यायर लैपिड को करारी हार का सामना करना पड़ा है। हार के बाद इजराइल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री लैपिड ने गुरुवार, 3 नवंबर को अपने प्रतिद्वंद्वी बेंजामिन नेतन्याहू को राष्ट्रीय चुनावों में जीत पर बधाई दी। बेंजामिन नेतन्याहू और पीएम मोदी के रिश्ते काफी अच्छे रहे हैं और दोनों को एक-दूसरे का अच्छा दोस्त भी माना जाता है।
नेतन्याहू इजराइल के सर्वाधिक समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्होंने लगातार 12 वर्षों तक और कुल मिलाकर 15 साल तक देश पर शासन किया। उन्हें पिछले साल सत्ता से हटना पड़ा था लेकिन वे एक बार फिर से सत्ता पर काबिज होने जा रहे हैं। बेंजामिन नेतन्याहू नीत दक्षिणपंथी गुट ने 120 सदस्यीय संसद में 65 सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत हासिल कर लिया। इसके साथ ही नेतन्याहू की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ हो गया।
किसे कितनी सीटें मिली
केंद्रीय निर्वाचन समिति के अनुसार, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 32 सीट, प्रधानमंत्री याइर लैपिड की येश अतीद को 24, रिलीजियस जियोनिज्म को 14, नेशनल यूनिटी को 12, शास को 11 और यूनाइटेड टोरा जुदाइस्म को आठ सीटें प्राप्त होंगी।
हमेशा से खंडित जनादेश
इजराइल में आमतौर पर किसी भी दल को 120 सदस्यीय संसद में बहुमत नहीं मिल पाता। इजराइल में पिछले चार चुनाव में किसी को स्पष्ट जनादेश नहीं मिला। कभी-कभी गठबंधन केवल मामूली अंतर से भी सरकार बनाने से चूक गए।
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