उत्तराखंड 27 जनवरी को UCC लागू करने वाला पहला राज्य बनने को तैयार

उत्तराखंड 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बनने जा रहा है। इस कदम ने राजनीतिक बहस और राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस दिन सचिवालय में दोपहर 12:30 बजे UCC पोर्टल का शुभारंभ भी करेंगे।

उत्तराखंड 27 जनवरी को UCC लागू करने वाला पहला राज्य बनने को तैयार
26-01-2025 - 08:39 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

देहरादून। उत्तराखंड 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बनने जा रहा है। इस कदम ने राजनीतिक बहस और राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस दिन सचिवालय में दोपहर 12:30 बजे UCC पोर्टल का शुभारंभ भी करेंगे।

मुख्य बिंदु:

  1. कानून की घोषणा और उद्देश्य:
    • उत्तराखंड सरकार ने "उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अधिनियम, 2024" पहले ही लागू कर दिया है।
    • यह अधिनियम वसीयत और इसके सहायक दस्तावेज़ों (कोडिसिल) के निर्माण और रद्दीकरण के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा स्थापित करता है।
  2. तैयारियां और उद्देश्य:
    • मुख्यमंत्री ने "एक्स" पर कहा कि UCC लागू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसमें अधिनियम के नियमों की स्वीकृति और संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण शामिल है।
    • उन्होंने कहा, "UCC समाज में समानता लाएगा और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और जिम्मेदारियां सुनिश्चित करेगा।"
  3. कानूनी प्रावधान और लागू क्षेत्र:
    • यह अधिनियम पूरे उत्तराखंड में लागू होगा और राज्य के बाहर रहने वाले उत्तराखंड के निवासियों पर भी प्रभावी रहेगा।
    • हालांकि, अनुसूचित जनजातियों (ST) और संविधान के अनुच्छेद 342 और 366 (25) के तहत संरक्षित अधिकार प्राप्त व्यक्तियों और समुदायों को इस अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया है।
  4. विवाह संबंधित प्रावधान:
    • विवाह के लिए यह अनिवार्य है कि दोनों पक्षों में से कोई भी जीवित जीवनसाथी न हो, दोनों मानसिक रूप से सक्षम हों, पुरुष की आयु 21 वर्ष और महिला की आयु 18 वर्ष से कम न हो।
    • विवाह धार्मिक रीति-रिवाजों या कानूनी प्रावधानों के तहत संपन्न किया जा सकता है, लेकिन अधिनियम लागू होने के बाद सभी विवाहों का पंजीकरण 60 दिनों के भीतर अनिवार्य है।
    • 26 मार्च, 2010 से अधिनियम लागू होने तक हुए विवाहों को 6 महीने के भीतर पंजीकृत करना होगा।

उत्तराखंड सरकार ने इसे एक समाज कल्याण प्रणाली के रूप में प्रस्तुत किया है, जो व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती है। यह कदम प्रधानमंत्री के "विकसित, संगठित और आत्मनिर्भर भारत" के निर्माण में योगदान देने की दिशा में राज्य की एक महत्वपूर्ण पेशकश मानी जा रही है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।