क्या AI आपकी नौकरी के लिए खतरा है? पेरिस समिट में पीएम मोदी का जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो AI एक्शन समिट 2025 के लिए फ्रांस में हैं, ने एक महत्वपूर्ण सवाल का जवाब दिया—क्या टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों की नौकरियों को खत्म कर देंगे?
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो AI एक्शन समिट 2025 के लिए फ्रांस में हैं, ने एक महत्वपूर्ण सवाल का जवाब दिया—क्या टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों की नौकरियों को खत्म कर देंगे?
पीएम मोदी का सीधा जवाब
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "तकनीक के कारण नौकरियां खत्म नहीं होतीं, बल्कि उनके स्वरूप में बदलाव आता है।" इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि हर तकनीकी क्रांति के बाद नए प्रकार की नौकरियां पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि AI इस सदी के लिए मानवता का कोड लिख रहा है।
AI के युग में नए स्किल्स पर जोर
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ AI एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि AI राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को बड़े स्तर पर प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI-चालित भविष्य के लिए लोगों को नए कौशल (skilling) और पुनः-कौशल (re-skilling) में निवेश करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि AI शिक्षा, कृषि और अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है।
AI में ग्लोबल रेगुलेशन की जरूरत
पीएम मोदी ने वैश्विक सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि:
AI के लिए एक वैश्विक गवर्नेंस ढांचे की आवश्यकता है।
AI को साझा मूल्यों (Shared Values) और नैतिकता के दायरे में विकसित किया जाना चाहिए।
AI की संभावित चुनौतियों और जोखिमों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि AI का सकारात्मक प्रभाव अद्भुत है, लेकिन इसके साथ जुड़े भेदभाव (bias) को भी वैश्विक समुदाय को ध्यान में रखना होगा।
AI के फायदों और खतरों का उदाहरण
अपने भाषण के दौरान, पीएम मोदी ने AI के फायदों और खतरों को समझाने के लिए एक दिलचस्प उदाहरण दिया:
अगर आप अपनी मेडिकल रिपोर्ट AI ऐप में अपलोड करें, तो वह इसे आसान भाषा में समझा सकता है और जटिल चिकित्सा शब्दों को सरल बना सकता है।
लेकिन, अगर आप उसी AI से कहें कि "बाएं हाथ से लिखने वाले व्यक्ति की तस्वीर बनाओ," तो AI संभवतः दाएं हाथ से लिखने वाले व्यक्ति की तस्वीर बना देगा।
इसका कारण यह है कि AI का प्रशिक्षण डेटा दाएं हाथ से लिखने वालों पर आधारित है, जिससे पूर्वाग्रह (bias) आ जाता है।
मोदी ने इस उदाहरण के जरिए कहा कि हालांकि AI की संभावनाएं बहुत बड़ी हैं, लेकिन हमें इसके पूर्वाग्रहों (biases) को ठीक करने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
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