AI Action Summit 2025: सुंदर पिचाई ने की पीएम मोदी से मुलाकात, लेकिन भारत की AI में क्या स्थिति?
गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने AI एक्शन समिट 2025 के दौरान पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पिचाई ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वे प्रधानमंत्री से मिलकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत में AI की भूमिका और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर चर्चा की।
पेरिस। गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने AI एक्शन समिट 2025 के दौरान पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पिचाई ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वे प्रधानमंत्री से मिलकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत में AI की भूमिका और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर चर्चा की।
PM मोदी का भाषण: AI को लेकर भारत की रणनीति
PM नरेंद्र मोदी ने AI Action Summit 2025 में अपने संबोधन के दौरान कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को अभूतपूर्व तरीके से प्रभावित कर रहा है। उन्होंने AI को इस सदी का "मानवता का नया कोड" बताया।
मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि भारत ने 1.4 अरब नागरिकों के लिए एक मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है, जिसे कम लागत में संभव बनाया गया। उन्होंने भारत में डिजिटल कॉमर्स को लोकतांत्रिक और सभी के लिए सुलभ बनाने पर जोर दिया और इच्छा जताई कि अगला AI Action Summit भारत में आयोजित हो।
लेकिन भारत AI में कहां खड़ा है?
इंटरनेट पर इस बैठक को लेकर एक बड़ा सवाल उठा – भारत AI के क्षेत्र में वास्तविक नवाचार कब करेगा?
दुनिया की AI स्पर्धा और भारत की स्थिति
वर्तमान में, वैश्विक AI इनोवेशन में भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से पीछे नजर आती है:
अमेरिका: OpenAI का ChatGPT, Google का Gemini, Meta का Llama, Anthropic का Claude आदि अत्याधुनिक AI मॉडल विकसित कर चुके हैं।
Delighted to meet with PM @narendramodi today while in Paris for the AI Action Summit. We discussed the incredible opportunities AI will bring to India and ways we can work closely together on India’s digital transformation pic.twitter.com/OXA3vfQ6OT — Sundar Pichai (@sundarpichai) February 11, 2025
Highlights from the programmes in Paris yesterday, including the AI Action Summit, India-France CEO Forum and various meetings… pic.twitter.com/O4qcGWL15z — Narendra Modi (@narendramodi) February 12, 2025
चीन: पूरी दुनिया से चुपचाप मुकाबला करते हुए DeepSeek जैसे बड़े AI मॉडल बना रहा है, जो अमेरिकी कंपनियों के लिए चुनौती बन गए हैं।
भारत: AI में अभी तक कोई ग्लोबल ब्रेकथ्रू नहीं दिखा। सरकार और कंपनियां AI को लेकर बातें तो कर रही हैं, लेकिन कोई स्टार्ट-टू-फिनिश इनोवेशन अभी तक सामने नहीं आया।
कृत्रिम AI जैसी भारतीय कंपनियों से उम्मीद?
भारत में भविष अग्रवाल की Krutrim AI जैसी कंपनियां बड़े वादे कर रही हैं, लेकिन क्या वे Google, OpenAI, Meta या DeepSeek जैसी AI कंपनियों को चुनौती दे पाएंगी?
AI में भारत के लिए आगे का रास्ता:
1️. स्वदेशी LLM (Large Language Model) और जनरेटिव AI पर फोकस बढ़ाना।
2️. सरकारी और निजी कंपनियों को रिसर्च और इनोवेशन के लिए सहयोग देना।
3️. AI हार्डवेयर (चिपसेट और इंफ्रास्ट्रक्चर) में आत्मनिर्भरता की दिशा में काम करना।
4️. AI टैलेंट को भारत में बनाए रखना, ताकि टॉप ब्रेन अमेरिका-यूरोप न जाएं।
सुंदर पिचाई और पीएम मोदी की मुलाकात से AI में भारत की संभावनाओं पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन अब सिर्फ भाषण और इवेंट्स से काम नहीं चलेगा। अगर भारत को सच में AI में महाशक्ति बनना है, तो Google, OpenAI और चीन की कंपनियों की तरह अपने खुद के शक्तिशाली AI मॉडल और टेक्नोलॉजी इनोवेट करनी होगी। वरना, हम सिर्फ UPI और डिजिटल इंडिया की ही "ब्रैगिंग राइट्स" तक सीमित रह जाएंगे।
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