नहीं रहे अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास, 83 वर्ष की अवस्था में निधन
अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) में अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, वे 83 वर्ष के थे।
लखनऊ। अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) में अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, वे 83 वर्ष के थे।
अस्पताल में भर्ती और स्वास्थ्य स्थिति
- आचार्य सत्येंद्र दास को 2 फरवरी को ब्रेन स्ट्रोक हुआ था।
- 3 फरवरी को उन्हें गंभीर स्थिति में SGPGIMS के न्यूरोलॉजी विभाग के HDU वार्ड में भर्ती कराया गया।
- 4 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।
आचार्य सत्येंद्र दास: जीवन और योगदान
- वे 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय भी राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी थे।
- उन्होंने मस्जिद विध्वंस से पहले मूर्ति को पास के फकीरे मंदिर में स्थानांतरित किया था और विध्वंस के बाद राम जन्मभूमि के अस्थायी मंदिर में स्थापित किया।
- अयोध्या राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह (22 जनवरी 2024) के बाद से वे मुख्य पुजारी के रूप में सेवा दे रहे थे।
- उन्होंने 11 जनवरी 2025 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पहली वर्षगांठ मनाई और इसे "अत्यंत भव्य और सुंदर उत्सव" बताया था।
आचार्य सत्येंद्र दास से जुड़े 5 प्रमुख तथ्य
- आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत:
- मात्र 20 वर्ष की उम्र में वे आध्यात्मिक मार्ग पर चले और अपना संपूर्ण जीवन धार्मिक सेवा को समर्पित कर दिया।
- स्वास्थ्य चुनौतियाँ:
- ब्रेन स्ट्रोक के अलावा, वे डायबिटीज और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे थे।
- मीडिया से संवाद:
- वे अयोध्या और राम मंदिर से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों पर मीडिया में लगातार अपनी राय रखते थे।
- हालिया अस्पताल में भर्ती:
- पहले उन्हें अयोध्या के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के SGPGI रेफर कर दिया गया।
- डॉक्यूमेंट्री में प्रस्तुति:
- वे 2024 की डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ "द बैटल ऑफ अयोध्या" में नजर आए थे, जो अयोध्या विवाद पर आधारित थी।
आचार्य सत्येंद्र दास के निधन से अयोध्या और राम मंदिर भक्तों में शोक की लहर है। वे जीवनभर भगवान राम की सेवा में समर्पित रहे और उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा।
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