सीआईएसएफ की ऑल वूमन बटालियन हवाई अड्डे, मेट्रो रेल सहित बुनियादी ढांचों की सुरक्षा करेगी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल्द ही गठित होने वाली सीआईएसएफ की पहली ऑल-वूमन बटालियन देश की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों, जैसे हवाई अड्डे और मेट्रो रेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी और कमांडो के रूप में वीआईपी सुरक्षा प्रदान करेगी।
नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल्द ही गठित होने वाली सीआईएसएफ की पहली ऑल-वूमन बटालियन देश की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों, जैसे हवाई अड्डे और मेट्रो रेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी और कमांडो के रूप में वीआईपी सुरक्षा प्रदान करेगी।
केंद्र सरकार ने सोमवार को सीआईएसएफ की पहली महिला बटालियन की स्थापना की मंजूरी दी, जिसमें 1,000 से अधिक महिला कर्मियों को शामिल किया जाएगा। यह निर्णय सीआईएसएफ की बढ़ती जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "महिला सशक्तिकरण और हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में मोदी जी के दृष्टिकोण को साकार करने की ओर एक मजबूत कदम के तहत, मोदी सरकार ने सीआईएसएफ की पहली ऑल-वूमन बटालियन के गठन को मंजूरी दी है।"
उन्होंने कहा, "महिला बटालियन एक विशिष्ट टुकड़ी के रूप में गठित होगी, जो देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी और कमांडो के रूप में वीआईपी सुरक्षा प्रदान करेगी।" गृह मंत्री ने यह भी कहा कि यह निर्णय देश की सुरक्षा में योगदान देने की इच्छुक अधिक महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।
वर्तमान में सीआईएसएफ में लगभग 7 प्रतिशत महिला कर्मी हैं, जबकि इसकी कुल ताकत लगभग 1.80 लाख है। 1969 में स्थापित यह बल भारत के प्रमुख सरकारी और औद्योगिक भवनों की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है।
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