"देश के खिलाफ काम करोगे तो जमानत का हक नहीं": उमर खालिद, शरजील इमाम की याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित
दिल्ली दंगों की साज़िश से जुड़े 2020 के केस में आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आदेश सुरक्षित रख लिया।
नयी दिल्ली। दिल्ली दंगों की साज़िश से जुड़े 2020 के केस में आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आदेश सुरक्षित रख लिया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि "जो लोग देश के खिलाफ साजिश रचते हैं, उन्हें जेल में ही रहना चाहिए। केवल लंबे समय तक जेल में रहना जमानत का आधार नहीं बन सकता।"
मेहता ने कहा कि दिल्ली दंगे पूरी तरह पूर्व-नियोजित (pre-planned) थे और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान ही इनकी समयबद्ध योजना बनाई गई थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को धूमिल किया जा सके।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शरजील इमाम ने जेएनयू के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ जाकर एक मुस्लिम छात्रों का अलग समूह बनाया।
SG तुषार मेहता ने अदालत में कहा, "अगर आप देश के खिलाफ काम करते हैं, तो आपको जमानत का कोई अधिकार नहीं है। यह (दिल्ली दंगे 2020) उन मामलों में से है जिनकी जांच सबसे बेहतरीन तरीके से हुई है। हमने अदालत में धारा 164 के तहत 58 बयान दर्ज करवाए हैं।"
अब हाईकोर्ट ने इस मामले में जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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