“हम पिछड़ा वर्ग से नहीं हैं”: नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति ने कर्नाटक जाति सर्वे में भाग लेने से किया इनकार

राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और उनके पति, इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा कराए जा रहे सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक सर्वेक्षण (जिसे आमतौर पर जाति सर्वे कहा जाता है) में भाग लेने से इनकार..

“हम पिछड़ा वर्ग से नहीं हैं”: नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति ने कर्नाटक जाति सर्वे में भाग लेने से किया इनकार
17-10-2025 - 09:58 AM

बेंगलुरु। राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और उनके पति, इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा कराए जा रहे सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक सर्वेक्षण (जिसे आमतौर पर जाति सर्वे कहा जाता है) में भाग लेने से इनकार कर दिया है।

कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को लिखे एक स्व-प्रमाणित पत्र में सुधा मूर्ति ने बताया कि उनका परिवार इस सर्वे में भाग नहीं लेगा क्योंकि वे किसी भी पिछड़े समुदाय से संबंधित नहीं हैं।

पत्र में नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति ने कहा है, “हम और हमारा परिवार इस जनगणना में भाग नहीं लेंगे और हम इस पत्र के माध्यम से इसकी पुष्टि कर रहे हैं।”

सरकार का बयान — “किसी को भी जानकारी देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा”

एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सुधा मूर्ति के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम किसी को भी जानकारी देने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। यह उनकी इच्छा है।”

शिवकुमार ने पहले कहा था कि राज्य सरकार यह सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक सर्वेक्षण इसलिए करा रही है ताकि सभी वर्गों को न्याय मिल सके।
इस सर्वे में शिक्षकों को गणनाकर्मी (enumerators) के रूप में शामिल करने के लिए 8 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 10 दिन की छुट्टी घोषित की गई थी।

कर्नाटक जाति सर्वेक्षण की स्थिति

कर्नाटक का यह सर्वेक्षण 22 सितंबर से शुरू हुआ था और राज्य के बाकी हिस्सों में यह 12 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद थी। बेंगलुरु में इसे 24 अक्टूबर तक बढ़ाया गया है (पहली अंतिम तिथि 7 अक्टूबर थी)।

इस सर्वेक्षण का उद्देश्य राज्य की लगभग 7 करोड़ आबादी को सूचीबद्ध करना और उनके सामाजिक व आर्थिक स्थिति की जानकारी एकत्र करना है।

सर्वे की प्रगति पर सरकार की जानकारी

विधान सौधा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डी.के. शिवकुमार ने बताया कि..

  • ग्रामीण क्षेत्रों में 90% लोगों ने सर्वे में सहयोग किया है।
  • बेंगलुरु में लगभग 25% सर्वे पूरा हो चुका है  क्योंकि वहां चुनाव आयोग के प्रशिक्षण कार्य के कारण देरी हुई।
  • सरकार ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की, जिसमें सभी पांच नगर निगमों के आयुक्तों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

शिवकुमार ने नागरिकों से आग्रह किया, “सरकार यह सर्वे सभी को न्याय दिलाने के लिए कर रही है। मैं बेंगलुरु के लोगों से आग्रह करता हूं कि गणनाकर्मियों के साथ सहयोग करें। जो लोग चाहें वे ऑनलाइन भी जानकारी दे सकते हैं। सरकार किसी पर भी दबाव नहीं डालेगी। लोग वही जानकारी दें, जिसमें वे सहज महसूस करें।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।