ईरान को नेतन्याहू की कड़ी चेतावनी, समझौता नहीं माना तो फिर शुरू होगी लड़ाई
अमेरिका-ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि इज़राइल अपने सभी रणनीतिक लक्ष्यों को या तो समझौते के जरिए हासिल करेगा या फिर लड़ाई दोबारा शुरू..
अमेरिका-ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि इज़राइल अपने सभी रणनीतिक लक्ष्यों को या तो समझौते के जरिए हासिल करेगा या फिर लड़ाई दोबारा शुरू करेगा।
लेबनान में इज़राइल की जारी सैन्य कार्रवाई ने इस अस्थायी युद्धविराम को खतरे में डाल दिया है। ईरान ने अमेरिका-इज़राइल पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है और इस सप्ताहांत Islamabad में होने वाली वार्ता से बाहर निकलने की धमकी दी है। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान ने बुधवार को दो सप्ताह के सशर्त युद्धविराम पर सहमति जताई थी, जिसमें जहाजरानी के लिए Strait of Hormuz को खोलना शामिल था।
इस बीच नेतन्याहू ने संकेत दिया कि यह युद्धविराम बेहद नाजुक है और इज़राइल अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है—चाहे वह बातचीत से हो या फिर "लड़ाई फिर से शुरू" करके।
युद्धविराम के बीच लक्ष्यों को लेकर नेतन्याहू का बयान
इज़राइल का मुख्य उद्देश्य ईरान को यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) से रोकना है, क्योंकि उसे आशंका है कि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि इज़राइली सेना "किसी भी क्षण युद्ध में लौटने के लिए तैयार" है।
उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमारे कुछ लक्ष्य अभी पूरे होने बाकी हैं, और हम उन्हें या तो समझौते से या फिर लड़ाई फिर से शुरू करके हासिल करेंगे। हम हर समय युद्ध के लिए तैयार हैं। हमारी उंगली ट्रिगर पर है।”
युद्धविराम के बावजूद फिर लड़ाई की चेतावनी क्यों?
नेतन्याहू के अनुसार, यह युद्धविराम इज़राइल के अभियान का अंत नहीं बल्कि “सभी लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव” है। उन्होंने कहा कि युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हुआ है और वह पहले से ज्यादा कमजोर स्थिति में वार्ता में शामिल हो रहा है।
उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपनी कई शर्तें छोड़ दी हैं, जैसे—प्रतिबंध हटाने की मांग, मुआवजा, युद्ध का स्थायी अंत और लेबनान में युद्धविराम।
कितना नाजुक है अमेरिका-ईरान युद्धविराम?
बताया गया है कि अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance वार्ता का नेतृत्व करेंगे, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
नेतन्याहू ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के साथ अपने संबंधों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “ट्रंप ने मुझसे कहा कि ‘आप लोग शानदार हैं।’ मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ट्रंप और मैं हर दिन बात करते हैं और जब हम यह सुनते हैं कि हमारे रिश्ते अच्छे नहीं हैं, तो हम मुस्कुराते हैं।”
लेबनान में जारी रहेगा इज़राइल का ऑपरेशन
इज़राइली प्रधानमंत्री ने लेबनान में Hezbollah के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने का भी संकल्प लिया। उन्होंने दावा किया कि हालिया हमलों में इस संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है।
बुधवार को युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद मध्य बेरूत के कई व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों पर इज़राइल ने हवाई हमले किए, जिनमें 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि अमेरिका-ईरान के बीच हुआ युद्धविराम अभी बेहद नाजुक स्थिति में है और किसी भी समय हालात फिर से युद्ध की ओर बढ़ सकते हैं।
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