ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट पर इजराइल का हमला, ‘तबाह’ होने का दावा; पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Israel ने सोमवार को Iran के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर बड़ा हमला किया। इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने इस हमले को “शक्तिशाली स्ट्राइक” बताते हुए इसकी पुष्टि ..
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Israel ने सोमवार को Iran के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर बड़ा हमला किया। इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने इस हमले को “शक्तिशाली स्ट्राइक” बताते हुए इसकी पुष्टि की।
काट्ज़ ने एक वीडियो बयान में कहा कि इजराइली सेना ने असालुयेह स्थित ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया, जो देश के लगभग 50% पेट्रोकेमिकल उत्पादन के लिए जिम्मेदार है। इस संयंत्र को ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ा अहम केंद्र
यह संयंत्र पार्स क्षेत्र में स्थित है और दुनिया के सबसे बड़े गैस भंडार South Pars gas field से जुड़ा हुआ है, जिसे ईरान Qatar के साथ साझा करता है। इजराइल इससे पहले पिछले महीने भी इस क्षेत्र को निशाना बना चुका है।
इससे पहले सप्ताहांत में खुज़ेस्तान प्रांत के महशहर पेट्रोकेमिकल स्पेशल ज़ोन पर भी हमला हुआ था, जिसमें ईरानी अधिकारियों के अनुसार पांच लोगों की मौत हुई। इजराइल का दावा है कि इन दोनों हमलों से ईरान के लगभग 85% पेट्रोकेमिकल निर्यात प्रभावित हुए हैं और ये संयंत्र अब काम नहीं कर रहे, जिससे देश को “गंभीर आर्थिक झटका” लगा है।
नेतन्याहू का दावा—‘संयंत्र पूरी तरह नष्ट’
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि असालुयेह कॉम्प्लेक्स “पूरी तरह तबाह” हो चुका है। उन्होंने इसे ईरान की आर्थिक क्षमता को कमजोर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया।
नेतन्याहू ने कहा, “हम फैक्ट्रियों को खत्म कर रहे हैं, ऑपरेटिव्स को खत्म कर रहे हैं और हां, हम वरिष्ठ लोगों को भी निशाना बना रहे हैं।”
ईरान का दावा—आग पर काबू, नुकसान का आकलन जारी
वहीं, ईरान की नेशनल पेट्रोकेमिकल कंपनी ने पार्स संयंत्र में आग लगने की पुष्टि की, लेकिन कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। कंपनी के अनुसार, तकनीकी जांच और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
एक और पेट्रोकेमिकल साइट पर हमला
दिन में बाद में मार्वदश्त क्षेत्र में भी एक अन्य पेट्रोकेमिकल साइट पर हमले की खबर आई, जहां आग लग गई थी, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया।
गौरतलब है कि पिछले महीने असालुयेह के गैस संयंत्रों पर हमले के बाद ईरान ने सऊदी अरब, कुवैत और कतर के ऊर्जा ढांचे पर जवाबी हमले किए थे। तेहरान ने चेतावनी दी थी कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो खाड़ी देशों के ऊर्जा संसाधनों का “पूरी तरह विनाश” कर दिया जाएगा।
संघर्ष जारी रहने के संकेत
इजराइली सेना के प्रवक्ता नदाव शोशानी ने कहा कि जब तक राजनीतिक स्तर पर युद्धविराम का निर्देश नहीं मिलता, तब तक हमले जारी रहेंगे। उन्होंने कहा, “ईरान हम पर हमला कर रहा है, हम उन पर हमला कर रहे हैं। अगर युद्धविराम होता है और हमें निर्देश मिलता है, तो हम तुरंत कार्रवाई करेंगे।”
हाल के दिनों में इजराइल ने ईरान के औद्योगिक ढांचे को निशाना बनाना तेज कर दिया है। नेतन्याहू ने हाल ही में दावा किया था कि इन हमलों से ईरान की लगभग 70% स्टील उत्पादन क्षमता खत्म हो चुकी है।
What's Your Reaction?