‘धर्मनिरपेक्षता पर सवाल’ : रमज़ान में मुस्लिम कर्मचारियों को छूट पर विपक्ष का हमला

Telangana सरकार द्वारा मंगलवार को लिया गया फैसला—जिसके तहत रमज़ान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को रोज़ाना एक घंटे पहले, शाम 4 बजे दफ्तर से जाने की अनुमति दी गई, ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया..

‘धर्मनिरपेक्षता पर सवाल’ : रमज़ान में मुस्लिम कर्मचारियों को छूट पर विपक्ष का हमला
20-02-2026 - 10:56 AM

नयी दिल्ली/हैदराबाद। Telangana सरकार द्वारा मंगलवार को लिया गया फैसला—जिसके तहत रमज़ान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को रोज़ाना एक घंटे पहले, शाम 4 बजे दफ्तर से जाने की अनुमति दी गई, ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। इस फैसले के बाद विपक्षी दलों, खासकर Bharatiya Janata Party (भाजपा), ने सरकार पर धार्मिक पक्षपात का आरोप लगाया है। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि यह कोई सांप्रदायिक कदम नहीं है।

केवल तेलंगाना ही नहीं, बल्कि Andhra Pradesh में भी Chandrababu Naidu के नेतृत्व वाली सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों को यही सुविधा दी है। आंध्र प्रदेश में गांव और वार्ड सचिवालयों समेत सभी राज्य विभागों में मुस्लिम कर्मचारियों को रमज़ान के दौरान शाम 4 बजे काम समाप्त करने की अनुमति दी गई है। हालांकि, वहां यह आदेश पिछले हफ्ते अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री N M D Farooq द्वारा जारी किया गया था लेकिन उसे तेलंगाना जैसी आलोचना का सामना नहीं करना पड़ा।

फारूक ने बताया कि उन्होंने रमज़ान के दौरान आंध्र प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के लिए विशेष इफ्तार पार्टी की भी मांग की थी। इसके बावजूद, न तो भाजपा और न ही हिंदुत्व का मुखर समर्थन करने वाली Jana Sena Party (पवन कल्याण के नेतृत्व वाली) ने अब तक कोई आपत्ति जताई है।

तेलंगाना सरकार का आदेश

तेलंगाना सरकार का यह आदेश 17 फरवरी की देर रात सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने जारी किया था। मुख्यमंत्री Revanth Reddy के नेतृत्व में जारी इस आदेश के तहत सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत पूर्णकालिक और संविदा मुस्लिम कर्मचारियों को 19 फरवरी से 20 मार्च तक शाम 4 बजे कार्यालय या स्कूल छोड़ने की अनुमति दी गई है। हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है कि आपात स्थिति में कर्मचारियों को 4 बजे के बाद भी ड्यूटी पर उपस्थित होना होगा। यह ज्ञापन मुख्य सचिव K Ramakrishna Rao द्वारा हस्ताक्षरित है।

आदेश जारी होते ही विपक्ष, जो पहले भी मुख्यमंत्री पर “मुस्लिम तुष्टिकरण” के आरोप लगाता रहा है, ने सरकार पर तीखा हमला बोला।

कांग्रेस का जवाब

तेलंगाना कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रवक्ता Syed Nizamuddin ने कहा, “आंध्र प्रदेश में, जहां भाजपा तेलुगु देशम पार्टी के साथ सरकार का हिस्सा है, वहां इस फैसले की आलोचना क्यों नहीं की जा रही? अगर दशहरा या शिवरात्रि के दौरान हिंदुओं को भी ऐसी छूट दी जाए, तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी।”

स्कूलों के समय में बदलाव

तेलंगाना सरकार के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा निदेशक ने भी रमज़ान के दौरान स्कूलों के समय में बदलाव किया है। सभी उर्दू माध्यम के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों, समानांतर माध्यम वाले स्कूलों की उर्दू शाखाओं और DIET कॉलेजों में अब कक्षाएं सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगी। पढ़ाई में होने वाली कमी को शैक्षणिक सत्र के शेष समय में अतिरिक्त कक्षाओं के जरिए पूरा किया जाएगा।

भाजपा का तीखा विरोध

हैदराबाद और अन्य जिलों में भाजपा इकाइयों ने इस आदेश को “चरम स्तर का अल्पसंख्यक तुष्टिकरण” बताया।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य Padma Veerapaneni ने इसे “असंवैधानिक” करार देते हुए कहा, “राज्य या केंद्र के श्रम कानूनों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। क्या वे भगवान के विशेष बच्चे हैं कि उन्हें यह विशेष छूट दी जा रही है? सबरीमला यात्रा के दौरान, जब हिंदू 40 दिन का व्रत रखते हैं, तब ऐसी छूट क्यों नहीं दी जाती?”

उन्होंने आगे कहा कि समान वेतन पाने वाले कर्मचारियों के साथ अलग-अलग व्यवहार करना कार्यस्थल पर समानता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।