कांग्रेस का तीन दिवसीय 85वां अधिवेशन रायपुर में शुरू,पोस्टरों में चमका सिर्फ गांधी परिवार ,पर अधिवेशन में गायब
<p>छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस का तीन दिवसीय 85वां राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हो चुका है। इस 3 दिवसीय अधिवेशन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव पर फैसला होना है। इस अधिवेशन के पहले दिन हो रही बैठक में पार्टी के तमाम बड़े नेता मौजूद हैं, लेकिन गांधी परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं है। कांग्रेस के 3 दिवसीय अधिवेशन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव पर फैसला होना है।</p> <p><img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1677245688congress_85.png" style="height:557px; width:1131px" /></p> <p> </p>
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस का तीन दिवसीय 85वां राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हो चुका है। कांग्रेस के संविधान के अनुसार, कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के कुल 25 सदस्यों में से 12 सदस्यों का चुनाव होता है और 11 सदस्यों को पार्टी अध्यक्ष द्वारा मनोनीत किया जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस संसदीय दल का नेता सीडब्ल्यूसी का स्वत: सदस्य होता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने महाधिवेशन के कार्यक्रम का ब्यौरा देते हुए बताया, ‘25 फरवरी को राजनीतिक, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी तथा 26 फरवरी को कृषि, सामजिक न्याय और युवा एवं शिक्षा मामलों के प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा 26 फरवरी को दो बजे कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण होगा तथा चार बजे जनसभा होगी।’
गांधी परिवार पहले ही दिन नदारद
इस अधिवेशन के पहले दिन हो रही बैठक में पार्टी के तमाम बड़े नेता मौजूद हैं लेकिन गांधी परिवार (Gandhi Family) का कोई भी सदस्य यानी सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी (Sonia Gandhi, Priyanka Gandhi and Rahul Gandhi) मौजूद नहीं हैं। ये अलग बात है कि इन पोस्टरों में खड़गे (Congress Adhiveshan) कम और गांधी परिवार ज्यादा दिखाई पड़ रहा है।
ताकि न हों फैसले प्रभावित ,खड़गे को दी स्वतंत्रता
खबर के मुताबिक पार्टी के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) को गांधी परिवार फ्री हैंड देना चाहता है। साथ ही किसी तरह के फैसलों को प्रभावित नहीं करना चाहता। इसके अलावा गांधी परिवार के अलावा पार्टी का नेतृत्व करने वाले को गांधी परिवार की कठपुतली के तौर पर देखा जाता रहा है। ऐसे में मीटिंग से गांधी परिवार की दूरी इस चर्चा को खत्म करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। बता दें कि अधिवेशन में संगठन, आगामी चुनाव, कांग्रेस कार्यसमिति चुनाव को लेकर अहम फैसले लिए जाएंगे। एआईसीसी के इस अधिवेशन में पार्टी के 50 टॉप के नेताओं के अलावा 15,000 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
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