AI एक ‘फोर्स-मल्टीप्लायर’, इससे देश की अर्थव्यवस्था में बढ़ेंगी नई टेक नौकरियां: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक फोर्स-मल्टीप्लायर है, जो कुछ नौकरियों की प्रकृति को जरूर बदलेगा लेकिन अंततः भारत की अर्थव्यवस्था में नई टेक्नोलॉजी आधारित नौकरियों को..

AI एक ‘फोर्स-मल्टीप्लायर’, इससे देश की अर्थव्यवस्था में बढ़ेंगी नई टेक नौकरियां: पीएम मोदी
18-02-2026 - 11:56 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक फोर्स-मल्टीप्लायर है, जो कुछ नौकरियों की प्रकृति को जरूर बदलेगा लेकिन अंततः भारत की अर्थव्यवस्था में नई टेक्नोलॉजी आधारित नौकरियों को जोड़ेगा। उन्होंने इसे विकसित भारत 2047 की दिशा में भारत की यात्रा का एक परिवर्तनकारी अवसर बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया AI को लेकर चिंतित है और यह सभ्यता के एक निर्णायक मोड़ (civilisational inflection point) पर खड़ा है, भारत इसका इस्तेमाल “विभाजनों को पाटने” के लिए कर रहा है, साथ ही रोजगार क्षेत्र में आने वाली किसी भी तरह की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा, मैं AI को एक फोर्स-मल्टीप्लायर के रूप में देखता हूं, जो हमें उन सीमाओं से आगे ले जाने में मदद करेगा, जिन्हें हम अब तक संभव मानते थे। इतिहास गवाह है कि तकनीक के कारण काम खत्म नहीं होता, बल्कि उसका स्वरूप बदलता है और नई तरह की नौकरियां पैदा होती हैं।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, कुछ नौकरियां भले ही पुनर्परिभाषित हों, लेकिन डिजिटल परिवर्तन भारत की अर्थव्यवस्था में नई टेक नौकरियां भी जोड़ेगा। भारत पहले से ही इस बदलाव के अनुकूल ढलने में सक्षम है। नवाचार को समावेशन के साथ जोड़ते हुए हमें भरोसा है कि AI भारत के कार्यबल को और मजबूत करेगा। सही कौशल और तैयारी के साथ हमारे युवा भविष्य की कार्य-दुनिया का नेतृत्व करेंगे।”

पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि जैसे-जैसे AI और उन्नत होता जा रहा है, उसे और अधिक जिम्मेदारी के साथ अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत भारत AI नियमन के लिए एक अधिक संरचित गवर्नेंस अप्रोच की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, जनवरी 2025 में IndiaAI Safety Institute की स्थापना के साथ, भारत ने AI प्रणालियों के नैतिक, सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित तंत्र बनाया है। भारत की इस अप्रोच को विशिष्ट बनाता है—स्थानीय जोखिमों और सामाजिक वास्तविकताओं पर इसका फोकस।”

प्रधानमंत्री ने चेतावनी भी दी कि “AI अभूतपूर्व तरीकों से मानव क्षमताओं का विस्तार कर सकता है, लेकिन यदि इसे दिशा न दी जाए तो यह मौजूदा सामाजिक ढांचे की परीक्षा भी ले सकता है।”

उन्होंने कहा कि यही सोच राजधानी में आयोजित AI Impact Summit के पीछे है, जो ग्लोबल साउथ में अपने प्रकार और पैमाने का पहला आयोजन है। उनके मुताबिक, यह शिखर सम्मेलन “people, planet, progressके ढांचे पर आधारित है और इसका उद्देश्य केवल नवाचार नहीं, बल्कि “अर्थपूर्ण और समान परिणाम” सुनिश्चित करना है।

पीएम मोदी ने कहा, इसका मार्गदर्शक मंत्र ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ भारत की सभ्यतागत सोच को दर्शाता है। तकनीक का अंतिम लक्ष्य ‘सबका कल्याण, सबका सुख’ होना चाहिए। तकनीक मानवता की सेवा के लिए है, उसे प्रतिस्थापित करने के लिए नहीं।”

उन्होंने बताया कि भारत में AI का उपयोग गहरी विकास संबंधी चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ पूरी तरह नए आर्थिक अवसर पैदा करने के लिए किया जा रहा है। AI गवर्नेंस, समावेशी डेटा सेट, जलवायु अनुप्रयोग, कृषि उत्पादकता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और बहुभाषी पहुंच—ये सभी भारत के AI विजन के केंद्र में हैं।

पीएम ने कहा कि AI समावेशी विकास को भी बढ़ावा दे रहा है, शहरी-ग्रामीण खाई को पाट रहा है और अवसरों तक पहुंच का विस्तार कर रहा है।
मानव-केंद्रित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अपने अनुभव के साथ भारत इस बात को सुनिश्चित करने की सबसे बेहतर स्थिति में है कि AI का लाभ गांवों के किसानों, छोटे शहरों के छात्रों, MSMEs, महिला उद्यमियों, असंगठित श्रमिकों और ग्रामीण व शहरी युवाओं तक पहुंचे, न कि केवल शहरी अभिजात वर्ग तक सीमित रहे।”

उन्होंने कहा, तकनीक को हर नागरिक की सेवा करनी चाहिए—चाहे वह किसी भी भूगोल, लिंग या आय वर्ग का हो। लक्ष्य केवल AI को अपनाना नहीं है, बल्कि ऐसा AI बनाना है जो वास्तव में नागरिकों को सशक्त करे, भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा को तेज करे और ग्लोबल साउथ के लिए एक स्केलेबल मॉडल पेश करे।”

भारत के “AI पावरहाउस” बनने की क्षमता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार पर इसके प्रभाव से जुड़े मुद्दों को संतुलित करने में देश सक्षम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पेश किया गया Union Budget 2026-27 AI के मामले में नवाचार और समावेशन को साथ लेकर चलने के भारत के विजन को और मजबूत करता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।