ट्रंप का नया फैसला: 1 अगस्त से अमेरिका में कॉपर उत्पादों पर 50% टैरिफ लागू, भारत पर असर संभावित

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक नया प्रोक्लेमेशन जारी करते हुए तांबे (कॉपर) से बने सेमी-फिनिश्ड और डेरिवेटिव उत्पादों पर 1 अगस्त से 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की। इससे पहले जून में अमेरिका ने स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों पर भी शुल्क 25% से बढ़ाकर..

ट्रंप का नया फैसला: 1 अगस्त से अमेरिका में कॉपर उत्पादों पर 50% टैरिफ लागू, भारत पर असर संभावित
01-08-2025 - 09:45 AM

नयी दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक नया प्रोक्लेमेशन जारी करते हुए तांबे (कॉपर) से बने सेमी-फिनिश्ड और डेरिवेटिव उत्पादों पर 1 अगस्त से 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की। इससे पहले जून में अमेरिका ने स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों पर भी शुल्क 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया था।

किन उत्पादों पर टैरिफ?

नया टैरिफ कॉपर के निम्नलिखित तैयार उत्पादों पर लागू होगा..

  • ट्यूब और पाइप
  • वायर
  • रॉड
  • प्लेट और शीट

यह शुल्क कॉपर अयस्क, कॉन्संट्रेट और कैथोड्स जैसे इनपुट मैटीरियल पर लागू नहीं होगा।

 भारत पर प्रभाव

  • 2024-25 में भारत ने कुल $2 अरब मूल्य के कॉपर उत्पादों का निर्यात किया,
    जिसमें $360 मिलियन (17%) केवल अमेरिका को भेजे गए।
  • अमेरिका, भारत का तीसरा सबसे बड़ा तांबा निर्यात बाजार है,
    सऊदी अरब (26%) और चीन (18%) के बाद।

अमेरिका को भारत से कॉपर उत्पादों का निर्यात (2024-25)

अन्य कॉपर उत्पाद

ट्यूब व पाइप

प्लेट व शीट

बार्स (छड़)

अमेरिका को भारत से स्टील के उत्पाद $3 अरब और एल्यूमीनियम उत्पाद $860 मिलियन के भी निर्यात हुए हैं।

 रक्षा और सुरक्षा का हवाला

अमेरिका के वाणिज्य विभाग द्वारा की गई जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि "विदेशी प्रतिस्पर्धियों की अनुचित नीतियों और अत्यधिक पर्यावरणीय प्रतिबंधों के चलते अमेरिकी कॉपर उद्योग कमजोर हो गया है।"

व्हाइट हाउस के अनुसार..

  • कॉपर रक्षा और औद्योगिक ढांचे में अत्यंत आवश्यक धातु है
  • यह अमेरिकी रक्षा विभाग की दूसरी सबसे अधिक प्रयुक्त सामग्री है
  • इसका इस्तेमाल वायुयान, युद्धपोत, मिसाइल, पनडुब्बी और गोला-बारूद में होता है

 घरेलू उपयोग को बढ़ावा देने की रणनीति

ट्रंप के प्रोक्लेमेशन में घरेलू सप्लाई को बढ़ावा देने के लिए निम्न प्रावधान भी हैं..

  • कॉपर स्क्रैप और इनपुट की निर्यात पर रोक या प्रतिबंध, ताकि
    घरेलू उद्योग को उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा माल मिल सके

 भारत के लिए संभावित परिणाम:

  • कॉपर उत्पादों के निर्यात में गिरावट संभव
  • हालांकि, कॉपर एक ‘क्रिटिकल मिनरल’ है, और
    इसकी घरेलू मांग ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ रही है
  • अतः विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की घरेलू इंडस्ट्री अमेरिका से मांग में गिरावट की भरपाई कर सकती है

संक्षिप्त सारणी

पहलू

विवरण

लागू तिथि

1 अगस्त 2025

टैरिफ दर

50%

प्रभावित उत्पाद

कॉपर ट्यूब, पाइप, वायर, प्लेट, शीट

प्रभावित नहीं

कॉपर अयस्क, कॉन्संट्रेट, कैथोड

भारत से अमेरिकी निर्यात

$360 मिलियन (2024-25)

अमेरिका का भारत के लिए रैंक

तीसरा सबसे बड़ा कॉपर निर्यात बाजार

असर

संभावित गिरावट, लेकिन घरेलू खपत मजबूत

 

निष्कर्षतः, ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार पर असर पड़ सकता है, खासकर कॉपर निर्यात में। हालांकि, भारत की बढ़ती घरेलू मांग इसे संतुलित कर सकती है। आगामी महीनों में उद्योग जगत को रणनीतिक रूप से प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता होगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।