राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला, केंद्र सरकार को शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश

सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने की मांग वाली याचिका को निपटाते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे पर शीघ्र अंतिम निर्णय ले, क्योंकि मामला दो विदेशी सरकारों के बीच संवाद से जुड़ा है।

राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला, केंद्र सरकार को शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश
05-05-2025 - 06:37 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

प्रयागराज। सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने की मांग वाली याचिका को निपटाते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे पर शीघ्र अंतिम निर्णय ले, क्योंकि मामला दो विदेशी सरकारों के बीच संवाद से जुड़ा है।

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को अन्य कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता प्रदान की। न्यायमूर्ति ए.आर. मसूदी और न्यायमूर्ति राजीव सिंह की खंडपीठ ने यह उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने अब तक इस शिकायत के निस्तारण के लिए कोई ठोस समयसीमा नहीं बताई है।

अदालत ने कहा कि ऐसे हालात में याचिका को लंबित रखना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी दी कि यदि सरकार इस पर कार्रवाई नहीं करती है तो वह पुनः अदालत का रुख कर सकते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अब यह जिम्मेदारी भारत सरकार पर है और यदि समय पर निर्णय नहीं लिया गया तो अवमानना याचिका दायर की जा सकती है।

यह याचिका अधिवक्ता और भाजपा नेता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि राहुल गांधी ब्रिटेन और भारत दोनों के नागरिक हैं, और इसलिए संविधान के अनुच्छेद 84 (ए) के तहत वह चुनाव लड़ने के अयोग्य हैं।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा पेश की गई स्थिति रिपोर्ट पर असंतोष जताया था, जिसमें स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया गया था कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या नहीं। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को 10 दिनों का समय दिया था, ताकि एक संशोधित रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके, जिसमें राहुल गांधी की नागरिकता स्थिति पर स्पष्ट उत्तर दिया जाए।

मार्च में हाईकोर्ट ने केंद्र को राहुल गांधी की नागरिकता के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था। गृह मंत्रालय के वकील ने यूके सरकार से जानकारी एकत्र करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 5 मई तय की थी।

पिछले साल नवंबर में केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि राहुल गांधी द्वारा कथित दोहरी नागरिकता रखने के आरोप की जांच की जा रही है। यह जानकारी उस समय दी गई थी जब कोर्ट विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की नागरिकता की सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने इस दावे के समर्थन में गोपनीय ई-मेल होने का भी दावा किया था।

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