शहबाज़ शरीफ़ और असीम मुनीर के लिए बुरी ख़बर: बलूचिस्तान के बोलान पास में फिर जाफ़र एक्सप्रेस पर हमला
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बोलान पास क्षेत्र में जाफ़र एक्सप्रेस ट्रेन पर एक बार फिर हमला हुआ है। स्थानीय मीडिया के अनुसार मंगलवार को यह जानकारी सामने आई। पाकिस्तानी अख़बार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में क्वेटा और सिबी के बीच यह छठी बार है जब जाफ़र एक्सप्रेस को निशाना बनाया..
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बोलान पास क्षेत्र में जाफ़र एक्सप्रेस ट्रेन पर एक बार फिर हमला हुआ है। स्थानीय मीडिया के अनुसार मंगलवार को यह जानकारी सामने आई। पाकिस्तानी अख़बार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में क्वेटा और सिबी के बीच यह छठी बार है जब जाफ़र एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जाफ़र एक्सप्रेस सोमवार को क्वेटा से पेशावर जा रही थी, तभी आब-ए-गम के पास हथियारबंद हमलावरों ने ट्रेन पर गोलियां बरसाईं। ट्रेन में मौजूद सुरक्षा कर्मियों और रेलवे पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद हमलावर कुछ देर की फायरिंग के बाद मौके से फरार हो गए।
अधिकारियों के अनुसार, इस गोलीबारी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जाफ़र एक्सप्रेस पर पिछले हमले
7 अक्टूबर का हमला:
सिंध के शिकारीपुर ज़िले में 7 अक्टूबर को क्वेटा जाने वाली जाफ़र एक्सप्रेस को निशाना बनाकर किए गए धमाके में कम से कम 7 लोग घायल हो गए थे। शिकारीपुर के डिप्टी कमिश्नर शकील अबरो के अनुसार, सुबह 8:15 बजे सुल्तान कोट रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर ट्रेन ट्रैक पर विस्फोट हुआ।
24 सितंबर का हमला
इससे पहले 24 सितंबर को बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के स्पीज़ेंड क्षेत्र में क्वेटा जा रही जाफ़र एक्सप्रेस पर बम हमले में 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इस धमाके के बाद ट्रेन की छह बोगियां पटरी से उतर गई थीं और एक पलट गई थी।
मार्च 2025 की बड़ी वारदात: ट्रेन हाईजैक
इस साल की शुरुआत में जाफ़र एक्सप्रेस को बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की मजीद ब्रिगेड ने हाईजैक कर लिया था। ट्रेन क्वेटा से पेशावर जा रही थी कि 11 मार्च को बोलान पास के धबर क्षेत्र में ट्रैक उड़ाकर ट्रेन को रोक दिया गया। इस घटना में ट्रेन में सवार 400 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था।
रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने पुष्टि की थी कि ट्रेन पर बोलान पास की टनल नंबर 8 के पास हमला हुआ था। यह गतिरोध 24 घंटे से अधिक समय तक चला। बाद में BLA ने दावा किया कि उसने पहचान पत्रों की जांच करने के बाद 20 सुरक्षा कर्मियों को मार दिया।
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