चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: यूपीआई भुगतान से खुला सुराग, यूपी और बिहार से तीन आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल सीआईडी ने भाजपा नेता Suvendu Adhikari के निजी सहायक Chandranath Rath की हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रविवार 10 मई को उत्तर प्रदेश और बिहार में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया..
पश्चिम बंगाल सीआईडी ने भाजपा नेता Suvendu Adhikari के निजी सहायक Chandranath Rath की हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रविवार 10 मई को उत्तर प्रदेश और बिहार में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में कोलकाता पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने मिलकर काम किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल श्रीवास्तव, राज सिंह और मयंक मिश्रा के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों तक पहुंचने में एक यूपीआई ट्रांजैक्शन अहम कड़ी साबित हुआ। बताया गया कि वारदात के बाद आरोपियों ने कोलकाता के पास बाली स्थित एक टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान किया था। इसी लेनदेन के आधार पर पुलिस ने उनकी लोकेशन और आवाजाही का पता लगाया और जांच आगे बढ़ाई।
जानकारी के अनुसार, Chandranath Rath बुधवार रात करीब 10 से 10:10 बजे के बीच अपने घर लौट रहे थे। उस समय वह अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी की आगे वाली सीट पर बैठे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम स्थित घर से करीब 200 मीटर दूर पहुंची, हमलावरों ने नजदीक से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
सीआईडी अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी राज सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया का रहने वाला है, लेकिन वह बिहार के बक्सर में रह रहा था। हत्या के बाद वह लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि वारदात के बाद आरोपी अयोध्या में छिपा हुआ है। इसके बाद संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान तेज किया और आखिरकार उसे दो अन्य संदिग्धों के साथ पकड़ लिया।
जांच एजेंसियां अब हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मामला राजनीतिक दुश्मनी से जुड़ा है या फिर इसके पीछे कोई निजी विवाद था।
सीआईडी ने संकेत दिए हैं कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। फिलहाल कई अन्य संदिग्धों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
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