अलका लांबा को बड़ा झटका: जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में दोषी करार, राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला
अलका लांबा को राउज एवेन्यू कोर्ट ने संसद में महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर वर्ष 2024 में हुए प्रदर्शन के मामले में दोषी ठहराया..
अलका लांबा को राउज एवेन्यू कोर्ट ने संसद में महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर वर्ष 2024 में हुए प्रदर्शन के मामले में दोषी ठहराया है।
यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के बाद दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है।
अदालत ने अलका लांबा को प्रदर्शन के दौरान सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग से जुड़े आरोपों में दोषी माना। अब मामले में सजा पर बहस के लिए 4 जून की तारीख तय की गई है।
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि लांबा और अन्य प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को धक्का दिया, बैरिकेड पार किए और आम लोगों की आवाजाही बाधित की।
उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इनमें सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल, सरकारी कार्य में बाधा, वैध आदेश की अवहेलना और सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध करने जैसे आरोप शामिल थे।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब कुछ महीने पहले ही दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस नेता के खिलाफ आरोप तय किए जाने के आदेश को बरकरार रखा था।
इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने कहा था कि दिसंबर 2025 में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार द्वारा पारित आदेश में “कोई अवैधता या त्रुटि नहीं” है।
19 दिसंबर 2025 को मजिस्ट्रेट अदालत ने संसद में महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित हमले और सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने के आरोप में अलका लांबा के खिलाफ आरोप तय किए थे।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने अलका लांबा को सार्वजनिक सड़क अवरुद्ध करने के मामले में भी दोषी पाया है। सजा की अवधि और जुर्माने की मात्रा को लेकर दलीलें 5 जून को सुनी जा सकती हैं।
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