बांग्लादेश विमान दुर्घटना पर पीएम मोदी ने जताते हुए कहा, "गहरे आघात और शोक में हूं"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ढाका में हुए एक प्रशिक्षण विमान दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि भारत बांग्लादेश को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार..
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ढाका में हुए एक प्रशिक्षण विमान दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि भारत बांग्लादेश को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "ढाका में एक दुखद विमान दुर्घटना में कई लोगों की जान जाने, जिनमें से कई युवा छात्र थे, से मैं गहरे आघात और दुख में हूं। शोकाकुल परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। भारत बांग्लादेश के साथ एकजुटता में खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान करने को तैयार है।"
क्या हुआ था?
- सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, बांग्लादेश वायु सेना का एक चीनी निर्मित प्रशिक्षण विमान राजधानी ढाका के माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज की इमारत पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
- इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई छात्र और दो शिक्षक शामिल हैं।
- विमान को उड़ा रहे पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहम्मद तौकिर इस्लाम की भी मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना स्थल
- उत्तरा क्षेत्र, ढाका – हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास
- दुर्घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और बचाव कार्य की कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं।
घायलों की स्थिति
- इस दुर्घटना में लगभग 162 लोग घायल हुए हैं।
- इन्हें ढाका के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
- NIBPS (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी) में 60 से अधिक घायलों को भर्ती किया गया है।
- ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल भी आपात स्थिति में तैयार रखा गया है।
प्रो. डॉ. एमडी सईदुर रहमान, जो स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष सलाहकार हैं, ने Dhaka Tribune से कहा:
“यह एक बहुत बड़ी घटना है। हम सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ जवाब देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञ लगातार काम कर रहे हैं और ढाका मेडिकल कॉलेज पूरी तरह तैयार है।”
भारत-बांग्लादेश संबंध
भारत ने इस त्रासदी पर संवेदना प्रकट करने के साथ-साथ तत्काल सहायता की पेशकश भी की है। दोनों देशों के बीच घनिष्ठ रणनीतिक और मानवीय सहयोग पहले से है, और इस घटना ने एक बार फिर भारत की पड़ोसी देशों के साथ संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाया है।
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