भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़बंदी का कार्य तेज़ी से जारी, सीमा हाट की भी योजना

भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़बंदी का कार्य तेज़ गति से चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य रोहिंग्या घुसपैठ को रोकना और तस्करी पर लगाम लगाना है। भारत 1,643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगा रहा है..

भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़बंदी का कार्य तेज़ी से जारी, सीमा हाट की भी योजना
04-07-2025 - 12:08 PM

इम्फाल। भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़बंदी का कार्य तेज़ गति से चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य रोहिंग्या घुसपैठ को रोकना और तस्करी पर लगाम लगाना है। भारत 1,643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगा रहा है, जिसमें से अब तक लगभग 401 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है।

यह परियोजना मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड जैसे सीमावर्ती राज्यों में चल रही है, जहां अब तक खुली सीमा के कारण लोगों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होती रही है। मणिपुर के सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर मोरेह में 9.2 किलोमीटर की बाड़बंदी पूरी की जा चुकी है।

इंडिया टुडे की एक टीम ने मोरेह सीमा का दौरा किया और देखा कि कोविड-19 महामारी के चलते जो सीमा पार आवागमन रुका हुआ था, वह अब फिर से शुरू हो गया है।

इस क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने और आवागमन को सुव्यवस्थित करने में असम राइफल्स की अहम भूमिका रही है। असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लाखेड़ा ने इंडिया टुडे को दिए विशेष साक्षात्कार में बताया कि यह सीमा घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से युक्त है, जिससे लगातार गश्त करना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बाड़बंदी का उद्देश्य अवैध गतिविधियों को रोकना है, न कि समुदायों के बीच कोई विभाजन करना।

भारत-म्यांमार सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही असम राइफल्स ने बीते छह महीनों में 11 से अधिक उग्रवादियों को मार गिराया है और करोड़ों रुपये मूल्य की नशीली दवाओं को जब्त किया है।

बाड़बंदी के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय व्यापार और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए सीमा हाट (बॉर्डर हाट) खोलने की भी योजना बनाई गई है। इस परियोजना का कार्य बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) को सौंपा गया है।

हालांकि, कुछ संगठनों ने मानसून के दौरान लॉजिस्टिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए बाड़बंदी कार्य का विरोध भी किया है।

गौरतलब है कि भारत-म्यांमार सीमा पूर्वोत्तर के चार राज्यों से होकर गुजरती है, जिनमें मणिपुर भी शामिल है। इस सीमा में से 1,472 किलोमीटर पहले ही चिह्नित की जा चुकी है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।