रिश्वत कांड में MCD के डिप्टी कमिश्नर को एक दिन की CBI रिमांड, कोर्ट का बड़ा फैसला
नयी दिल्ली की Rouse Avenue Court ने मंगलवार को एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा और सह-आरोपी देवांशु गौतम को रिश्वत मामले में एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेज..
नयी दिल्ली की Rouse Avenue Court ने मंगलवार को एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा और सह-आरोपी देवांशु गौतम को रिश्वत मामले में एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।
Central Bureau of Investigation (सीबीआई) के अनुसार, अभिषेक कुमार मिश्रा, जो Municipal Corporation of Delhi में प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्नल हैं और प्रशासनिक अधिकारी देवांशु गौतम को 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह रिश्वत एक एमसीडी कर्मचारी से ली गई थी, जो विभागीय जांच का सामना कर रहा था, और बदले में उसे फायदा पहुंचाने का वादा किया गया था।
सीबीआई ने बताया कि रिश्वत की रकम गौतम से बरामद की गई, जिसने यह पैसा मिश्रा की ओर से लिया था। बाद में गौतम ने यह रकम मिश्रा की पत्नी को सौंप दी, जहां से नकदी बरामद हुई।
इस मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सीबीआई जज Dig Vinay Singh ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए एक दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की। सीबीआई ने दो दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने एक दिन की ही अनुमति दी।
कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों आरोपियों को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा जाता है और उन्हें 1 अप्रैल 2026 को दोपहर 3 बजे फिर से पेश किया जाएगा। साथ ही, अगली पेशी से पहले दोनों का मेडिकल परीक्षण कराने का निर्देश भी दिया गया।
सीबीआई ने अपनी दलील में कहा कि आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ करने और अन्य संभावित साजिशकर्ताओं या लाभार्थियों की पहचान के लिए पुलिस हिरासत जरूरी है।
वहीं, अभिषेक कुमार मिश्रा की ओर से अधिवक्ता दीपक प्रकाश, डीएस कोहली और पूजा दीपक ने पुलिस रिमांड का विरोध किया, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया।
जांच के मुताबिक, एमसीडी के कर्मचारी मुकेश कुमार शर्मा और उनके सहयोगी गजेंद्र कुमार निलंबित थे और उनकी विभागीय जांच मिश्रा कर रहे थे। आरोप है कि देवांशु गौतम ने बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए मिश्रा की ओर से 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने 27 मार्च को सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए राजघाट पार्किंग में गौतम को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसी के अनुसार, गौतम ने पैसा लेने के बाद फोन पर मिश्रा को इसकी जानकारी दी और फिर रकम उनके घर पहुंचाई, जिसके बाद मिश्रा को गिरफ्तार किया गया। सीबीआई के पास इस मामले में बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सबूत के तौर पर मौजूद है।
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