Pakistan में पुराने नामों की वापसी: इस्लामपुरा फिर बनेगा कृष्ण नगर, जिन्ना रोड दोबारा कहलाएगी क्वींस रोड
Pakistan के पंजाब प्रांत की सरकार ने लाहौर की कई सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों के ऐतिहासिक नाम दोबारा बहाल करने की व्यापक योजना को मंजूरी दी है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य शहर की विभाजन-पूर्व पहचान और सांस्कृतिक विरासत को फिर से जीवित..
Pakistan के पंजाब प्रांत की सरकार ने लाहौर की कई सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों के ऐतिहासिक नाम दोबारा बहाल करने की व्यापक योजना को मंजूरी दी है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य शहर की विभाजन-पूर्व पहचान और सांस्कृतिक विरासत को फिर से जीवित करना है।
दशकों के दौरान लाहौर की कई ऐतिहासिक सड़कों, गलियों और इलाकों के नाम बदल दिए गए थे। ब्रिटिश काल और हिंदू पहचान से जुड़े नामों की जगह इस्लामी, पाकिस्तानी या स्थानीय हस्तियों के नाम रखे गए थे।
इस्लामपुरा फिर बनेगा कृष्ण नगर
रिपोर्टों के मुताबिक, इस्लामपुरा का नाम फिर से “कृष्ण नगर” किया जाएगा। इसी तरह बाबरी मस्जिद चौक को दोबारा “जैन मंदिर चौक” नाम दिया गया है, जबकि सुन्नत नगर अब “संत नगर” कहलाएगा।
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने बताया, “कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री Maryam Nawaz की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में लाहौर और उसके आसपास की विभिन्न सड़कों और इलाकों के मूल एवं ऐतिहासिक नाम बहाल करने की योजना को मंजूरी दी गई।”
किन-किन इलाकों के नाम बदले जाएंगे?
नई योजना के तहत कई प्रसिद्ध स्थानों के पुराने नाम लौटाए जा रहे हैं:
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वर्तमान नाम |
बहाल किया जाने वाला पुराना नाम |
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सुन्नत नगर |
संत नगर |
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मौलाना जफर अली खान चौक |
लक्ष्मी चौक |
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मुस्तफाबाद |
धर्मपुरा |
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सर आगा खान चौक |
डेविस रोड |
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अल्लामा इकबाल रोड |
जेल रोड |
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फातिमा जिन्ना रोड |
क्वींस रोड |
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बाग-ए-जिन्नाह |
लॉरेंस गार्डन्स |
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इस्लामपुरा |
कृष्ण नगर |
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हमीद निजामी रोड |
टेंपल स्ट्रीट |
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निष्ठर रोड |
ब्रैंडरेथ रोड |
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रहमान गली |
राम गली |
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बाबरी मस्जिद चौक |
जैन मंदिर रोड |
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गाज़ियाबाद |
कुम्हारपुरा |
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जीलानी रोड |
आउटफॉल रोड |
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शाहरा-ए-अब्दुल हमीद बिन बदीस |
एम्प्रेस रोड |
लाहौर की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करने की कोशिश
यह नाम परिवर्तन अभियान “लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल (LHAR)” परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करना है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह परियोजना लगभग 50 अरब पाकिस्तानी रुपये की लागत वाली है। इसे पूर्व प्रधानमंत्री Nawaz Sharif की प्रमुख योजनाओं में माना जाता है। वर्तमान में इसे उनकी बेटी और पंजाब की मुख्यमंत्री Maryam Nawaz आगे बढ़ा रही हैं। पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif उनके चाचा हैं।
खेल और सांस्कृतिक विरासत भी होगी बहाल
यह पहल लाहौर की खेल और सांस्कृतिक विरासत की यादों को भी फिर से जीवित कर रही है। मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, Nawaz Sharif ने लाहौर के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदानों और मिंटो पार्क के पुराने कुश्ती अखाड़े को बहाल करने का प्रस्ताव भी रखा है। मिंटो पार्क को अब ग्रेटर इकबाल पार्क के नाम से जाना जाता है।
विभाजन से पहले ये मैदान कई पीढ़ियों के क्रिकेटरों को तैयार करने के लिए प्रसिद्ध थे। यहां पाकिस्तान के पूर्व स्टार बल्लेबाज Inzamam-ul-Haq और महान क्रिकेटर Lala Amarnath जैसे खिलाड़ी अभ्यास कर चुके थे। अमरनाथ ने 1947 से पहले अविभाजित भारत की टीम के दौर में यहां प्रशिक्षण लिया था।
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