Narendra Modi और Giorgia Meloni बोले, भारत-इटली संबंध निर्णायक दौर में, अभूतपूर्व गति से बढ़ी साझेदारी
प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने कहा है कि भारत और इटली के रिश्ते अब एक निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं और सामान्य मित्रता से आगे बढ़कर “विशेष रणनीतिक साझेदारी” में बदल..
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने कहा है कि भारत और इटली के रिश्ते अब एक निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं और सामान्य मित्रता से आगे बढ़कर “विशेष रणनीतिक साझेदारी” में बदल गए हैं।
दोनों नेताओं ने भारतीय और इतालवी मीडिया के लिए संयुक्त रूप से लिखे गए एक लेख में कहा कि वैश्विक व्यवस्था में गहरे बदलाव के दौर में दोनों देशों की साझेदारी उच्च राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर नियमित संवाद से निर्देशित हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी इस समय अपनी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण के तहत इटली में हैं।
दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-इटली संबंध अब एक नई और ऊंची दिशा प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें दोनों देशों की आर्थिक गतिशीलता, सामाजिक रचनात्मकता और हजारों वर्षों पुरानी सभ्यतागत विरासत का मेल दिखाई देता है।
उन्होंने कहा, “भारत और इटली के रिश्ते अब निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं। हाल के वर्षों में हमारे संबंध अभूतपूर्व गति से आगे बढ़े हैं और स्वतंत्रता, लोकतंत्र तथा भविष्य की साझा दृष्टि पर आधारित विशेष रणनीतिक साझेदारी में विकसित हुए हैं।”
नवाचार, ऊर्जा और रणनीतिक संप्रभुता पर जोर
दोनों नेताओं ने कहा कि 21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा इस बात पर निर्भर करेगी कि देश नवाचार, ऊर्जा परिवर्तन और रणनीतिक संप्रभुता को कितनी प्रभावी ढंग से संभालते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा तथा विविधतापूर्ण बनाने का संकल्प लिया है, ताकि दोनों देशों की पूरक क्षमताओं का पूरा लाभ उठाया जा सके।
उन्होंने कहा, “हम इटली की डिजाइन क्षमता, विनिर्माण उत्कृष्टता और विश्वस्तरीय सुपरकंप्यूटर तकनीक को भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, इंजीनियरिंग प्रतिभा, बड़े पैमाने की क्षमता और 100 से अधिक यूनिकॉर्न तथा दो लाख स्टार्टअप वाले नवाचार तंत्र के साथ जोड़ना चाहते हैं।”
दोनों नेताओं ने कहा कि यह केवल एक साधारण एकीकरण नहीं, बल्कि “साझा मूल्य निर्माण” की प्रक्रिया है, जहां दोनों देशों की औद्योगिक ताकतें एक-दूसरे को और मजबूत करेंगी।
व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाने का लक्ष्य
लेख में कहा गया कि European Union और भारत के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता दोनों दिशाओं में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा।
दोनों नेताओं ने कहा, “हम 2029 तक भारत और इटली के बीच व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना चाहते हैं। इसमें रक्षा, एयरोस्पेस, स्वच्छ तकनीक, मशीनरी, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, रसायन, दवाइयां, वस्त्र, कृषि-खाद्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहेगा।”
उन्होंने कहा कि “Made in Italy” दुनिया भर में गुणवत्ता और उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है, जबकि “Make in India” अभियान के साथ इसकी स्वाभाविक साझेदारी बनती है।
दोनों देशों की 1,000 से अधिक कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी को उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला के बेहतर एकीकरण का सकारात्मक संकेत बताया।
एआई और तकनीक साझेदारी का केंद्र
दोनों नेताओं ने कहा कि तकनीकी नवाचार भारत-इटली साझेदारी के केंद्र में है और आने वाले दशकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी तकनीकों का बड़ा प्रभाव होगा।
उन्होंने कहा कि भारत का मजबूत नवाचार तंत्र और कुशल प्रतिभा, इटली की औद्योगिक विशेषज्ञता के साथ मिलकर इन क्षेत्रों में सहयोग को स्वाभाविक और रणनीतिक बनाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच बढ़ती साझेदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मानव-केंद्रित AI पर जोर
दोनों नेताओं ने कहा कि AI आज समाज और वैश्विक अर्थव्यवस्था को तेजी से प्रभावित कर रहा है और भारत तथा इटली लंबे समय से यह सुनिश्चित करने के लिए सहयोग कर रहे हैं कि इसका विकास “जिम्मेदार और मानव-केंद्रित” हो।
उन्होंने कहा कि भारत की “MANAV” अवधारणा — यानी तकनीक के केंद्र में मानव — और इटली की “एल्गोर-एथिक्स” नीति मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि AI सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बने।
दोनों नेताओं ने कहा, “तकनीक इंसानों द्वारा इंसानों के लिए बनाई गई है। यह न तो लोगों की जगह ले सकती है और न ही उनके मौलिक अधिकारों को कमजोर कर सकती है।”
रक्षा, समुद्री सुरक्षा और अंतरिक्ष सहयोग
प्रधानमंत्री Narendra Modi और Giorgia Meloni ने कहा कि दोनों देश रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक तकनीकों में सहयोग को और मजबूत करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क, साइबर अपराध, मादक पदार्थ तस्करी और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी।
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष खोज और सैटेलाइट तकनीक में प्रगति तथा इटली की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विशेषज्ञता भविष्य की तकनीकों के विकास के लिए बड़े अवसर प्रदान करती है।
IMEC और “इंडो-मेडिटेरेनियन” अवधारणा पर फोकस
दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इटली वैश्विक अर्थव्यवस्था के दो अहम क्षेत्रों इंडो-पैसिफिक और भूमध्यसागरीय क्षेत्र के केंद्र में स्थित हैं, जिन्हें अब अलग-अलग नहीं बल्कि परस्पर जुड़े क्षेत्रों के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “इंडो-मेडिटेरेनियन” नामक एक नए आर्थिक और रणनीतिक गलियारे का उदय हो रहा है, जो हिंद महासागर को यूरोप से जोड़ता है।
दोनों नेताओं ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure और Global Biofuels Alliance जैसी भारत-नेतृत्व वाली पहलों में सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि India-Middle East-Europe Economic Corridor आधुनिक परिवहन, डिजिटल नेटवर्क, ऊर्जा प्रणाली और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से क्षेत्रों को जोड़ने की साझा दृष्टि है और भारत तथा इटली इसे साकार करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
साझा सांस्कृतिक मूल्यों का उल्लेख
लेख के अंत में दोनों नेताओं ने भारतीय अवधारणा “धर्म” और “वसुधैव कुटुंबकम” का उल्लेख करते हुए कहा कि ये विचार आज के परस्पर जुड़े डिजिटल युग में और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि इटली की पुनर्जागरण-आधारित मानवतावादी परंपरा भी इसी सोच को प्रतिबिंबित करती है, जो प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा और संस्कृति की एकजुट करने वाली शक्ति पर बल देती है।
दोनों नेताओं ने कहा, “हमारी साझा दृष्टि लोगों को केंद्र में रखकर एक मजबूत और भविष्य उन्मुख भारत-इटली साझेदारी की नींव रखना है।”
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