आरएलएम में अंदरूनी कलह, ‘लिट्टी-चोखा’ पार्टी छोड़ भाजपा नेता नितिन नवीन से मिलने पहुंचे तीन विधायक

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं दिख रहा है। पार्टी प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के पटना स्थित आवास पर आयोजित ‘लिट्टी-चोखा’ पार्टी से पार्टी के चार में से तीन विधायकों की गैरहाजिरी ने सियासी हलकों में हलचल मचा..

आरएलएम में अंदरूनी कलह, ‘लिट्टी-चोखा’ पार्टी छोड़ भाजपा नेता नितिन नवीन से मिलने पहुंचे तीन विधायक
26-12-2025 - 10:16 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं दिख रहा है। पार्टी प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के पटना स्थित आवास पर आयोजित ‘लिट्टी-चोखा’ पार्टी से पार्टी के चार में से तीन विधायकों की गैरहाजिरी ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।

इस बीच, पार्टी से अनुपस्थित रहे विधायक माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह बुधवार को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ बैठक करते नजर आए।

आरएलएम, भाजपा-जद(यू) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है, जिसने हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत से जीत दर्ज की है।

माधव आनंद द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई एक तस्वीर में तीनों विधायक भाजपा के नव-निर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में मंत्री बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई। गौरतलब है कि दीपक प्रकाश न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य।

पार्टी के भीतर ही आरएलएम प्रमुख पर वंशवादी राजनीति को बढ़ावा देने के आरोप लगने लगे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि नए एनडीए सरकार में उन्हें मंत्री पद नहीं मिला, जबकि पार्टी प्रमुख के परिवार को लाभ पहुंचाया गया।

सोशल मीडिया पर भी आरएलएम प्रमुख को पार्टी समर्थकों की आलोचना का सामना करना पड़ा। एक पार्टी कार्यकर्ता ने पोस्ट में लिखा, “आरएलएम अब एक परिवार-केंद्रित पार्टी बन गई है। कुशवाहा ने पहले अपनी पत्नी को विधायक बनाया और अब अपने बेटे को राज्य की नई एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री बना दिया।”

वहीं विधायक रामेश्वर महतो ने नाराजगी जताते हुए कहा, “पार्टी के इस फैसले ने उसकी विचारधारा को लेकर गलत संदेश दिया है।”

हालांकि, आरएलएम के एक वरिष्ठ नेता ने विधायकों की इस बैठक का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष से विधायकों की मुलाकात कोई असामान्य बात नहीं है।
उन्होंने कहा, “नितिन नवीन के उस पद पर नियुक्त होने के बाद यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस बैठक का कोई राजनीतिक महत्व नहीं है।”

आरएलएम के महासचिव और प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और उसके सभी चार विधायक पार्टी नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं।

इधर, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उपेंद्र कुशवाहा के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कुशवाहा ने कहा था कि मांझी को बिहार से राज्यसभा सीट की मांग नहीं करनी चाहिए।

मांझी ने कहा कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने एनडीए सहयोगी दलों के सामने राज्यसभा सीट की मांग रखी है।
उन्होंने गुरुवार को जहानाबाद में मीडिया से कहा, “हर राजनीतिक दल ऐसा करता है। यह मांग बेवजह नहीं है। हर सहयोगी दल को सही मंच पर अपनी मांग रखने का अधिकार है।” बताया जा रहा है कि बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें जल्द खाली होने वाली हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।