“चुनाव आयोग ने रचा ‘एसआईआर ड्रामा’”..अंतिम मतदाता सूची में गड़बड़ी पर जयराम रमेश का हमला, कहा- आयोग बना भाजपा की ‘बी-टीम’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने बिहार की अंतिम मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर पूरा अभ्यास भाजपा के हित में रचा गया एक “ड्रामा” था..
नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने बिहार की अंतिम मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर पूरा अभ्यास भाजपा के हित में रचा गया एक “ड्रामा” था।
शनिवार को एक पोस्ट में जयराम रमेश ने एक्स (X) पर लिखा, “चुनाव आयोग ने भाजपा के इशारे पर पूरा एसआईआर ड्रामा रचा है। आयोग द्वारा किए गए सुधारों के दावे झूठे साबित हो रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि बिहार के कई जिलों से मिल रही रिपोर्टें इस बात की पुष्टि करती हैं कि इस पूरे अभियान का एकमात्र उद्देश्य सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगियों को राजनीतिक लाभ पहुँचाना था।
“चुनाव आयोग भाजपा की बी-टीम बन गया है”
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद भी मतदाता सूची में कई अनियमितताएँ बनी हुई हैं, जिससे स्पष्ट है कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना की है और वह भाजपा की बी-टीम की तरह काम कर रहा है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार से जवाब मांगा और कहा कि “कई जगहों पर 247 मतदाता एक ही घर में दर्ज हैं और कुछ नाम एक ही बूथ पर कई बार दोहराए गए हैं।
आखिर इतनी बड़ी गड़बड़ियाँ अंतिम मतदाता सूची में कैसे आ गईं? या फिर पहले की तरह इस बार भी आयोग चुप रहेगा?”
47 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद लगभग 47 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में हटाए गए मतदाताओं की संख्या पिछले चुनावों के जीत-हार के अंतर से भी ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की यह लापरवाह और राजनीतिक रूप से पक्षपाती कार्यप्रणाली न केवल भारत के लोकतंत्र को कमजोर कर रही है बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय साख को भी नुकसान पहुँचा रही है।
चुनाव आयोग की रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने हाल ही में बिहार विधानसभा चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) जारी की है।
- आयोग के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या अब 7.42 करोड़ है, जबकि 24 जून तक यह संख्या 7.89 करोड़ थी।
- यानी लगभग 65 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए, जबकि 21.53 लाख नए योग्य मतदाता जोड़े गए।
- इस प्रकार, अंतिम सूची में कुल मतदाता संख्या घटकर 7.42 करोड़ रह गई है।
जयराम रमेश के आरोपों ने बिहार की मतदाता सूची को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कांग्रेस का कहना है कि यह पूरा अभियान चुनावों में भाजपा को लाभ पहुँचाने की रणनीति का हिस्सा है, जबकि चुनाव आयोग ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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