ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर 8-9 अक्टूबर को करेंगे भारत दौरा, व्यापार से लेकर आतंकवाद पर होगी अहम चर्चा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) अगले सप्ताह भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनका यह दौरा 8 से 9 अक्टूबर तक चलेगा। वे इस दौरान अंतरराष्ट्रीय वित्त सम्मेलन (Global Fintech Fest 2025) में हिस्सा लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता..
नयी दिल्ली। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) अगले सप्ताह भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनका यह दौरा 8 से 9 अक्टूबर तक चलेगा। वे इस दौरान अंतरराष्ट्रीय वित्त सम्मेलन (Global Fintech Fest 2025) में हिस्सा लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और ब्रिटेन के बीच संबंध व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों पर पहुँच रहे हैं।
इस दौरे को दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है, खासकर उस वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जहाँ अमेरिकी नीतियों में बदलाव का असर भारत और ब्रिटेन दोनों पर दिख रहा है।
कीर स्टार्मर की यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जुलाई में ब्रिटेन दौरे के कुछ महीने बाद हो रही है। उस दौरान दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) पर हस्ताक्षर किए थे, जो फिलहाल अनुमोदन प्रक्रिया में है और अगले वर्ष तक लागू हो जाएगा।
दौरे के प्रमुख बिंदु (Key Points on the Agenda):
- भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (FTA) की समीक्षा
इस दौरे में दोनों पक्ष एफटीए के अनुमोदन और क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा करेंगे। इस समझौते से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में 35 अरब डॉलर की बढ़ोतरी की संभावना है।
इसके तहत टेक्सटाइल से लेकर व्हिस्की तक कई वस्तुओं पर शुल्क में कमी आएगी और बाजार तक पहुँच आसान होगी। - अमेरिकी नीतियों पर चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का प्रभाव भारत और ब्रिटेन दोनों पर पड़ा है। यह विषय भी द्विपक्षीय वार्ता के एजेंडे में शामिल रहेगा। - ‘विजन 2035’ रणनीति की समीक्षा
दोनों देश इस दौरे में विजन 2035 रणनीति की प्रगति पर चर्चा करेंगे, जिसके अंतर्गत रक्षा, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और प्रवासन सहयोग को और मज़बूत किया जाना है।
साथ ही, रक्षा औद्योगिक रोडमैप (Defence Industrial Roadmap) पर भी विचार किया जाएगा ताकि सैन्य हार्डवेयर निर्माण और तकनीकी साझेदारी में निकटता बढ़ाई जा सके। - आतंकवाद और खालिस्तान समर्थक गतिविधियाँ
भारत के आतंकवाद के खिलाफ अभियान, ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थक संगठनों की गतिविधियाँ, तथा भारत में वांछित आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों की वापसी पर भी चर्चा होगी।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जुलाई में ब्रिटेन दौरे के दौरान कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा था कि —
“कट्टरपंथी विचारधारा वाली ताकतों को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करने देना चाहिए।”
उन्होंने यह भी जोर दिया था कि जो ताकतें लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
What's Your Reaction?