ऐतिहासिक अमेरिकी शटडाउन खत्म: 43 दिनों बाद ट्रंप ने बिल पर किए हस्ताक्षर
अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबा चला सरकारी शटडाउन आखिरकार खत्म हो गया है। 43 दिनों तक चली इस वित्तीय गतिरोध की स्थिति में हजारों सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के काम करते रहे, हवाई अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ फंसी रही और कई परिवारों को भोजन के लिए फूड बैंकों की कतार में लगना..
वॉशिंगटन। अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबा चला सरकारी शटडाउन आखिरकार खत्म हो गया है। 43 दिनों तक चली इस वित्तीय गतिरोध की स्थिति में हजारों सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के काम करते रहे, हवाई अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ फंसी रही और कई परिवारों को भोजन के लिए फूड बैंकों की कतार में लगना पड़ा।
इस संकट के अंत की घोषणा तब हुई जब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने शुक्रवार को सरकारी फंडिंग बहाल करने वाला बिल पारित कर दिया। सदन के 222 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 209 ने विरोध में वोट दिया। इसके बाद बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया।
व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार रात स्थानीय समयानुसार 9:45 बजे ओवल ऑफिस में आयोजित एक समारोह में इस बिल पर हस्ताक्षर किए, जिससे अमेरिका का ऐतिहासिक 43 दिन का शटडाउन औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।
इस शटडाउन ने अमेरिकी प्रशासन को कई स्तरों पर पंगु कर दिया था — सरकारी एजेंसियों के कामकाज ठप पड़ गए थे और नागरिक सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा था। अब उम्मीद की जा रही है कि बिल के लागू होने के बाद सभी संघीय विभाग सामान्य कामकाज की ओर लौटेंगे।
राजनीतिक विश्लेषण: ट्रंप की रणनीति पर सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शटडाउन ट्रंप प्रशासन की “कठोर वार्ता रणनीति” की असफलता के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस फंडिंग को इसलिए रोका था क्योंकि वे अमेरिकी-मेक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त धनराशि चाहते थे। लेकिन 43 दिनों के गतिरोध के बाद उन्हें बिना दीवार फंडिंग के ही बिल पर हस्ताक्षर करने पड़े, जिसे कई लोग राजनीतिक झुकाव या हार के रूप में देख रहे हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसे अपनी “जनहित में जीत” बताया है, वहीं रिपब्लिकन खेमे में इस घटनाक्रम ने ट्रंप की लोकप्रियता और 2026 के चुनावी समीकरणों पर नयी बहस छेड़ दी है।
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