‘गांधी के अनुयायियों की भावनाएं आहत’: मनरेगा का नाम बदलने की कथित तैयारी पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने शनिवार को उन रिपोर्टों की कड़े शब्दों में आलोचना की, जिनमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ करने पर विचार कर रही है। विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार इतिहास को दोबारा लिखने और महात्मा गांधी की विरासत को कमजोर..
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को उन रिपोर्टों की कड़े शब्दों में आलोचना की, जिनमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ करने पर विचार कर रही है। विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार इतिहास को दोबारा लिखने और महात्मा गांधी की विरासत को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
मनरेगा देश की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसे वर्ष 2005 में ग्रामीण परिवारों को गारंटीशुदा रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। हालांकि सरकार ने इस प्रस्ताव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इन रिपोर्टों के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि यह कदम सरकार के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐतिहासिक कथानकों को बदलने और स्थापित प्रतीकों में फेरबदल करने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, इस तरह के कदम देश के इतिहास को नए सिरे से गढ़ने के जानबूझकर किए जा रहे प्रयासों को दर्शाते हैं।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने भी इस कथित फैसले की आलोचना करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि गांधी का नाम हटाना उन लोगों की भावनाओं को आहत करेगा, जो महात्मा गांधी और उनकी विचारधारा में विश्वास रखते हैं।
बीजेपी सिर्फ दो नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती है
पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पहले दिए गए बयानों पर टिप्पणी करते हुए तारिक अनवर ने कहा कि जो नेता कांग्रेस छोड़कर गए हैं, उन्हें एक दिन अपनी गलती का एहसास होगा। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ दो नेताओं—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह—के इर्द-गिर्द ही घूमती है और पार्टी में तीसरा कोई बड़ा नेता नहीं है।
प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक राष्ट्रीय स्तर की योजना का नाम बदलने के औचित्य पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के बदलाव में भारी खर्च आएगा, जिसमें दफ्तरों, दस्तावेजों और स्टेशनरी में बदलाव शामिल होगा। इस कदम को अनावश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि जनता के पैसे को नाम बदलने जैसे अभ्यासों पर बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।
कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी तर्क दिया कि योजना का नाम बदलने के बजाय मनरेगा को और मजबूत करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
और भी आवाजें शामिल
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस कथित प्रस्ताव को अहम जन मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी विरासत के प्रति अनादर को दर्शाता है।
हालांकि अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इन रिपोर्टों ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है और नाम बदलने के बजाय योजना में सुधार पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
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