IIT बॉम्बे ग्रेजुएट ने छोड़ी 8 करोड़ की सैलरी वाली नौकरी, सिर्फ 5 महीने पहले ही जॉइन किया था Meta..!
ऐसा अक्सर नहीं होता कि कोई करोड़ों की सैलरी वाली नौकरी छोड़ दे। लेकिन, आईआईटी बॉम्बे से पढ़े ऋषभ अग्रवाल ने ऐसा कर दिखाया। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग की Meta AI सुपरइंटेलिजेंस टीम जॉइन किए सिर्फ पाँच महीने हुए थे और अब उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी है। उन्होंने सात अंकों (लगभग ₹8 करोड़) वाली सैलरी छोड़कर “एक अलग तरह का जोखिम” उठाने का फैसला..
मुंबई। ऐसा अक्सर नहीं होता कि कोई करोड़ों की सैलरी वाली नौकरी छोड़ दे। लेकिन, आईआईटी बॉम्बे से पढ़े ऋषभ अग्रवाल ने ऐसा कर दिखाया। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग की Meta AI सुपरइंटेलिजेंस टीम जॉइन किए सिर्फ पाँच महीने हुए थे और अब उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी है। उन्होंने सात अंकों (लगभग ₹8 करोड़) वाली सैलरी छोड़कर “एक अलग तरह का जोखिम” उठाने का फैसला किया है।
ऋषभ अग्रवाल ने X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करके अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने लिखा –
“यह मेरा @AIatMeta में आखिरी हफ़्ता है। सुपरइंटेलिजेंस TBD लैब के साथ जारी न रखने का निर्णय लेना मुश्किल था, खासकर इतने टैलेंट और कंप्यूट डेंसिटी को देखते हुए। लेकिन गूगल ब्रेन, डीपमाइंड और मेटा में 7.5 साल के बाद मुझे अलग तरह का जोखिम लेने की खींच महसूस हुई।”
उन्होंने यह भी कहा कि मार्क जुकरबर्ग और एलेक्ज़ेंडर वांग (Meta के चीफ़ एआई ऑफिसर) का सुपरइंटेलिजेंस टीम बनाने का प्रस्ताव बेहद आकर्षक था। लेकिन आखिरकार उन्होंने मार्क जुकरबर्ग की ही सलाह मान ली, जिसमें कहा गया था, “इस तेज़ी से बदलती दुनिया में सबसे बड़ा जोखिम है – कोई जोखिम न लेना।”
Meta में उपलब्धियां
ऋषभ अग्रवाल ने मेटा में अपने काम का विवरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 8-बिट डेंस मॉडल को RL स्केलिंग के साथ Deepseek R1 जैसी परफ़ॉर्मेंस तक पहुँचाया। साथ ही, मिड-ट्रेनिंग के दौरान सिंथेटिक डेटा का इस्तेमाल करके RL को वार्म-स्टार्ट किया। उन्होंने ऑन-पॉलिसी डिस्टिलेशन तरीकों को और बेहतर बनाने में भी योगदान दिया।
जानकारी के लिए बता दें कि मेटा की सुपरइंटेलिजेंस टीम पिछले कुछ महीनों से सीईओ मार्क जुकरबर्ग का बड़ा फोकस रही है। इसके लिए मेटा ने टॉप टैलेंट को आकर्षित करने हेतु मल्टी-मिलियन डॉलर कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफ़र किए हैं।
IIT बॉम्बे से लेकर Google तक का सफर
Meta जॉइन करने से पहले ऋषभ अग्रवाल ने कई बड़ी टेक कंपनियों में काम किया। उन्होंने Tower Research Capital, Saavn और Waymo में इंटर्नशिप की थी। इसके बाद वह Google Brain में सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट, Google DeepMind में स्टाफ़ रिसर्च साइंटिस्ट और हाल ही में Meta Superintelligence Labs में रिसर्च साइंटिस्ट रहे।
ऋषभ अग्रवाल ने IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था। उन्होंने JEE परीक्षा में AIR 33 रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने Mila-Quebec AI Institute से कंप्यूटर साइंस में डॉक्टरेट किया। इसी साल अप्रैल 2025 में उन्होंने Meta जॉइन किया था, जहाँ reportedly उन्हें करोड़ों की सैलरी दी जा रही थी।
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